
ये विचार रविवार को अलख नयन आई हॉस्पिटल प्रतापनगर व उदयपुर ऑफथेल्मोलॉजी सोसायटी के साझे में कॉर्नियल ट्रांस्प्लांट सर्जरी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों ने व्यक्त किए। अलख नयन आई इंस्टीट्यूट के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एलएस झाला ने बताया कि होटल हिल टॉप में विभिन्न सत्रों में देशभर के विशेषज्ञों ने नेत्र चिकित्सा क्षेत्र में आ रहे बदलाव, उपचार के आधुनिकतम तरीकों, नए उपकरणों के साथ ही चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा की।
खासतौर पर केमिकल इंजरी मैनेजमेंट ड्राई आई एसएलईटीए इंटरेस्टिंग केस ऑफ कॉर्नियल एंड एंटीरियर सेगमेंट, इमरजेंसी मैनेजमेंट आदि पर मंथन हुआ। डूंगरपुर, राजसमंद, नाथद्वारा सहित उदयपुर के गीतांजलि, आरएनटी, पेसिफिक आदि चिकित्सालयों के चिकित्सकों को भी नई चिकित्सा पद्धति की जानकारी दी गई।
अम्बाला से आए डॉ. विकास मित्तल ने एल्कली व एसिडिक इंजरी के बारे में बताया। मुंबई से आए डॉ. जतिन आशर ने नेत्रों के बचाव के उपाय बताए।
अहमदाबाद के डॉ. आशीष नागपाल, अलख नयन मंदिर के कंसल्टेंट कॉर्निया डॉ. नितीश खतूरिया ने भी विचार रखे। डॉ. एलएस झाला ने बताया कि आंखों के उपचार, शल्य चिकित्सा, जारूकता आदि पर जो काम अलख नयन मंदिर में हो रहा है वह विश्वस्तर के मानकों के अनुरूप है। यहां निर्धन का उपचार नि:शुल्क होता है।
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उदयपुर. विज्ञान समिति के तहत संचालित नवाचार एवं महिला प्रकोष्ठ की ओर से रविवार को विज्ञान समिति में महिला सशक्तिकरण पर कार्यशाला हुई। कार्यशाला में महिला प्रकोष्ठ की वरिष्ठ सदस्या शैल गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए जागरूकता लानी होगी। वरिष्ठ महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका शकुन्तला धाकड़ ने बताया कि इस अवसर पर होली स्नेह मिलन भी हुआ। उल्लेखनीय कार्य करने वाली दो महिलाओं रेणु खेमसरा व विनिशा जोशी को सम्मानित
किया गया।
Published on:
19 Mar 2018 01:45 pm
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