
फोटो: पत्रिका
Food Vlogger Sneha Story: लेकसिटी की फूड व्लॉगर स्नेहा चड्ढा तलरेजा ने अपने जुनून, संघर्ष और परिवार के सहयोग से डिजिटल दुनिया में खास पहचान बनाई। 'उदयपुर भोग' पेज के जरिए उन्होंने न सिर्फ स्वाद की दुनिया को दिखाया, बल्कि महिलाओं के लिए आत्मविश्वास की नई मिसाल भी पेश की।
उदयपुर की स्नेहा चड्ढा तलरेजा आज सोशल मीडिया पर 'उदयपुर भोग' व्लॉगर के नाम से जानी जाती है, लेकिन उनकी यह पहचान एक दिन में नहीं बनी। करीब एक दशक पहले उन्होंने कंटेंट राइटिंग से अपना सफर शुरू किया था, जब ब्लॉगिंग केवल लिखित रिव्यू तक सीमित थी। उस दौर में वे रेस्टोरेंट्स के लिए फूड रिव्यू लिखती थी। करीब छह साल पहले कोरोना काल में स्नेहा ने 'उदयपुर भोग' पेज की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने कुकिंग और फोटोग्राफी से कंटेंट बनाना शुरू किया, लेकिन समय के साथ इंस्टाग्राम पर रील्स का दौर आया। यहीं से उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती आई, कैमरे के सामने आने का डर।
स्नेहा बताती हैं कि हर महिला के भीतर कहीं न कहीं जजमेंट का डर होता है। शादी के बाद यह डर और बढ़ गया था। लेकिन, उनके पति उमेश तलरेजा ने हर कदम पर उनका साथ दिया। जब भी उन्हें लगा कि वे नहीं कर पाएंगी, उनके पति ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कहती है कि परिवार और पति का साथ मिल जाए तो जिंदगी में चार चांद लग जाते हैं।
मां बनने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। बेटी अहाना के जन्म के बाद जहां जिम्मेदारियां बढ़ीं, वहीं पोस्टपार्टम डिप्रेशन जैसी स्थिति का सामना भी करना पड़ा। ऐसे समय में उनके पति ने उन्हें संभाला और काम पर लौटने के लिए प्रेरित किया। तीन महीने की बच्ची को छोड़कर बाहर जाना आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें मजबूती दी।
स्नेहा की पहचान ‘ईमानदार रिव्यू’ के रूप में बनी। उन्होंने कभी भी सच्चाई से समझौता नहीं किया। चाहे पेड प्रमोशन हो या सामान्य रिव्यू, उन्होंने हमेशा वही कहा जो सही लगा। यही कारण है कि उनकी ऑडियंस उन पर भरोसा करती है।
पर्यटन शहर ने भी उनके सफर को गति दी। बढ़ते टूरिज्म और फूड इंडस्ट्री के विस्तार ने फूड ब्लॉगर्स के लिए अवसर खोले। आज उदयपुर भोग के 41 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं और स्नेहा लगातार नए कंटेंट के जरिए लोगों को जोड़ रही है।
खुद पर भरोसा रखें और डर को पीछे छोड़ें। सही लाइफ पार्टनर और परिवार का साथ हो तो कोई भी सपना दूर नहीं। हर दिन कुछ नया सीखें और ईमानदारी से काम करें, सफलता खुद रास्ता बना लेगी। सफलता का कोई तय सपना नहीं होता, बल्कि हर दिन कुछ नया और क्रिएटिव करना ही असली लक्ष्य होना चाहिए। समर्थन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी महिला अपनी पहचान बना सकती है।
Updated on:
04 Apr 2026 04:05 pm
Published on:
04 Apr 2026 03:42 pm
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