
गणगौर घाट पर फेक न्यूज को लेकर नुक्कड नाटक की जरूरत आखिर क्यों पड़ी ....
उदयपुर. फेक न्यूज वर्तमान में एक ऐसा शब्द है जो डिजिटल मीडिया के इस दौर में किसी अपवाद से कम नहीं है। फेक न्यूज ने समाज को इस कदर प्रभावित किया है कि आये दिन मॉब लिचिंग यानि भ्रामक खबरों के आधार पर किसी की जान तक ले लेना से जुड़ी खबरें सुनने व पढ़ने को मिलती है। इसी फेक न्यूज से आमजन को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है राजस्थान पत्रिका ने। आमजन को मतदान और फेक न्यूज के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान पत्रिका की अनूठी पहल के तहत सोमवार को गणगौर घाट के किनारे नुक्कड़ नाटक हुआ।
नुक्कड़ नाटक में शहर के युवा और वरिष्ठ रंगकर्मी ने आगामी चुनाव के मद्देनजर आमजन को वोट का महत्व बताते हुए सही उम्मीदवार के चुनाव और सोशल माडिया पर भ्रामक खबरों (फेक न्यूज) के प्रति लघु नाटक के जरिए प्रेरक संदेश दिया। नाटक के मूल में इस बात को भी रेखांकित किया गया कि पिछले कुछ वर्षों से तकनीकी क्रांति के कारण सूचना तंत्र और प्रचार-प्रसार के तौर-तरीके बदल गए हैं। एेसे में समूचा विश्व सिमटकर मुट्ठी में कैद हो गया है। देश-दुनिया की अच्छी-बुरी घटनाएं वायरल होकर सैकड़ों से लाखों तक पलक झपकते पहुंच जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया में सूचनाएं गढऩे से लेकर पाने तथा आगे भेजने तक की जिम्मेदारी और महत्वपूर्ण हो गई है।
इसी मर्म को नुक्कड़ नाटक 'आओ वोट करें के जरिए समझाने के लिए नीलाभ शर्मा के निर्देशक और संयोजन में सौरभ शर्मा, मोहित पालीवाल वैभवी गोलेछा सहित वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल दाधीच और फतेह सिंह ने बखूबी समझाया। इस दौरान राह चलते अनेक लोगों के अलावा आसपास रहवासियों ने भरपूर लुत्फ उठाया। उल्लेखनीय है कि फेक न्यूज रोकने की मुहिम में फेसबुक भी पत्रिका के साथ भागीदारी निभा रहा है।
Updated on:
06 Nov 2018 01:19 pm
Published on:
06 Nov 2018 01:18 pm
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