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गली-मोहल्लों में गंदगी का अंबार, बस स्टैण्ड पर कचरे की भरमार

swachchha bharat mission गंदगी का परिवहन करने वाला टेम्पो भी खराब, कचरे से अटे डस्टर बॉक्स बन रहे हैं दुर्गंध का केंद्र, पंचायत की ओर से व्यवस्था सुधार को लेकर बरती जा रही उदासीनता
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गली-मोहल्लों में गंदगी का अंबार, बस स्टैण्ड पर कचरे की भरमार

गली-मोहल्लों में गंदगी का अंबार, बस स्टैण्ड पर कचरे की भरमार

उदयपुर/ झाड़ोल. Swachchha Bharat mission स्वच्छ भारत मिशन को लेकर मुस्तैद जिम्मेदारों की नाक के नीचे उपखण्ड मुख्यालय पर पसरी गंदगी ने सरकारी तंत्र में पसरी खामियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हुक्मरानों की मौजूदगी वाले स्थलों पर मिशन की खुले में मजाक उड़ रही है, लेकिन व्यवस्था के जिम्मेदार मामले को लेकर मौन साधे हुए हैं। गंदगी से केवल स्थानीय लोग ही प्रभावित नहीं हो रहे वरन बाहर से उपखण्ड मुख्यालय पर पहुंचने वाले यात्री एवं पर्यटक भी परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद समस्या को लेकर यहां कोई सुनने वाला नहीं है। आलम यह है कि यहां गली मोहल्लों में गंदगी के अंबार लगे हैं और बस स्टैण्ड जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर कचरे की भरमार है। दिखावे के लिए लगाए गए डस्टर बॉक्स भी दुर्गंध के साथ शोपिस बन गए हैं। कमोवेश ऐसी स्थिति रोडवेज बस स्टैण्ड, अम्बिका मार्ग, पोस्ट ऑफिस मार्ग, कोर्ट चौराहा, हॉस्पीटल मार्ग, सत्ती चौराहा, हेडगेवार मार्केट, पुराना बस स्टैण्ड, ग्राम पंचायत बाहर देखने को मिल रहे हैं। खास तो यह है कि इन सभी विशेष जगहों पर उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों के अलावा न्याय के अधिकारियों का नियमित आवागमन बना रहता है। बता दें कि कस्बे में कुल 13 वार्ड में करीब 8 हजार की आबादी का निवास है, जिन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं।

बीमारी का संकट
डस्टर बॉक्स एवं विशेष स्थलों पर कई दिनों से जमा कचरा मच्छरों का वंश बढ़ाने का कारण बन रहा है। लोग मच्छरों से होने वाली बीमारियों से घिर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी इस जिम्मेदारी को लेकर चुप्पी साधे हुए है। गंदगी के समीप से गुजरते हुए राहगीरों को भी नाक बंद कर गुजरना पड़ रहा है। श्वानों एवं आवारा मवेशियों के कारण कचरा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच रहा है। खुले में पसरी गंदगी को लेकर हर स्तर पर चुप्पी बनी हुई है।

टैम्पो भी खराब
एक जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर करीब 20 साल पहले एक टैंपों खरीदा गया था, जो कि पूरी तरह से नाकारा पड़ा है। ऐसे में गंदगी का एक स्थान से दूसरे स्थान पर परिवहन नहीं हो रहा। सफाई कार्मिक भी व्यवस्था सुधार को जोखिम नहीं उटा रहे हैं। इससे पहले उपखण्ड अधिकारी की ओर से महात्मा गांधी की जयंती पर डस्टर बॉक्स रखवाए गए। लोगों के बीच सफाई का संदेश भी दिया गया, लेकिन कचरा पात्र ही अब लोगों के लिए चुनौती बने हुए हैं।

जनप्रतिनिधि राजी, लेकिन पंचायत नहीं
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय मेहता ने ग्राम पंचायत में कई बार सफाई के नाम से सहयोग की बात रखी थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। कस्बा मुख्यालय पर जगह जगह गंदगी के ढेर पड़े हैं। ग्राम पंचायत के संरपच शंकरलाल जरिया एवं ग्राम विकास अधिकारी ज्ञानेश्वर मेघवाल को सफाई के लिए सहयोग देने के लिए जनप्रतिनिधि आगे होकर न्योता दे रहे हैं। लेकिन, किसी भी स्तर पर प्रयास नहीं किए गए।

प्रयासों में कमी नहीं
सफाई कार्य के लिए खरीदा गया टैम्पो खराब पड़ा है। बीते तीन-चार दिन से कचरा ट्रैक्टर ट्रोली की मदद से उठाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की ओर से भी सहयोग का न्योता मिला है। swachchha bharat mission मैं फिलहाल बाहर हूं। आकर जनप्रतिनिधियों से संपर्क करूंगा।
ज्ञानेश्वर मेघवाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत झाड़ोल