
उदयपुर . राजस्थान पत्रिका के उदयपुर संस्करण का 37वां स्थापना दिवस गुरूवार काे है। इस मौके पर पत्रिका की ओर से बुुधवार को स्मार्ट सिटी में स्मार्ट सिटीजन्स का योगदान विषय पर मंथन कार्यक्रम रखा गया। इस कार्यक्रम में नगर निगम महापौर, यूआईटी चैयरमेन, टाउन प्लानर व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के अलावा इंजीनयर, डॉक्टर, प्रोफेसर, ट्रैफिक पुलिस और अलग-अलग वर्ग के प्रबुद्धजनों ने भाग लेते हुए अहम सुझाव दिए।
उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में करोड़ों रूपए खर्च हो रहे हैं। यही नहीं स्थानीय निकाय इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तय मियाद में काम करने की पूरी कोशिश में हैं फिर भी कई खामियां नजर आ रही हैं। यह बात राजस्थान पत्रिका कार्यालय मे रखे मंथन कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों ने कही। शहर के तमाम बुद्धिजीवियों ने अपने सुझाव इस कार्यक्रम में दिए। इसमें सबसे अहम शहर की सफाई, रोडनेटवर्क,फुटपाथ,ट्राफिक,साैन्दर्यकरण,पेयजल सीवरेज की व्यवस्था को बेहतर करना रहा।
महापौर च्रदंसिंह कोठारी,यूआईटी चैयरमेन रविन्द्र श्रीमाली,सिंधी अकादमी के अध्यक्ष हरीश राजानी,डाॅक्टर्स एसोसिएशन के डाॅ आनंद गुप्ता,निगम में निर्माण समिति अध्यक्ष पारस सिंघवी,झील संरक्षण के क्षेत्र मे कार्य करने वाले प्रो. अनिल मेहता,यातायात प्रभारी भैयालाल प्रशासन अधिकारी और टाउनप्लानर समेत तमाम लोगों ने अपने विचार यहां रखे। डाॅ देवेन्द्र सरीन और यातायात प्रभारी ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाने के लिए हर एक व्यक्ति को स्मार्ट बनाना पडे़गा। इस मंथन कार्यक्रम मे यूआईटी चैयरमेन और निगम निर्माण समिति अध्यक्ष ने माना की जो काम हो रहे हैं उसमें अभी भी आमजन की भागीदारी नहीं हो पाई है इसे जोड़ने का प्रयास करेंगे और जो सुझाव यहां आए हैं उनको बोर्ड बैठक में शामिल करके शहर के विकास को गति देंगे। वहीं झीलों को साफ रखने,आयड़ विकास,अंडर और ओवर ब्रिज से जुड़े़ मसलोंं पर भी खुलकर सुझाव आए। जिन पर जिम्मेदार इकाइयों ने काम करने की हामी भरी है।
Published on:
13 Dec 2017 06:21 pm
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