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वह गलती जिससे अटक गया मामला, नहीं तो इन शिक्षकों की भी हो जाती घर वापसी

आधा दर्जन शिक्षकों की घर वापसी अटक गई
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चन्दनसिंह देवड़ा/उदयपुर . प्रारंभिक शिक्षा विभाग में अंधेरगर्दी का ऐसा आलम है कि टीएसपी से नॉन टीएसपी क्षेत्र में स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों के पक्ष में निर्णय आने के बावजूद अधूरी जानकारी भेजने से आधा दर्जन शिक्षकों की घर वापसी अटक गई है, वहीं कई शिक्षक अपने गृह जिले के लिए रिलीव हो चूके हैं। शिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक कार्यालय से लेकर निदेशालय बीकानेर के चक्कर लगा रहे हैं ताकि वह अपने घर जा सकें।

अपील अधिकरण जयपुर में टीएसपी से नॉन टीएसपी में स्थानांतरण चाहने वालों की दायर याचिकाओं पर सकारात्मक निर्णय हुआ। इसके बाद स्कूल शिक्षा के प्रमुख शासन सचिव ने 12 दिसम्बर को स्थायी समिति की बैठक में ‘नो अपील’ का निर्णय किया था जिससे टीएसपी से नॉन टीएसपी में स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों के रिलीव होने का रास्ता साफ हो गया। इस पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीकानेर ने आदेश जारी कर उदयपुर जिला शिक्षा अधिकारी प्रांरभिक को 12 शिक्षकों को तत्काल रिलीव करने के आदेश दे दिए और वे रिलीव भी हो गए।

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अधूरी जानकारी से हुई गफलत

सूची में उन 7 शिक्षकों के नाम नहीं थे जिन्होंने सबसे पहले अपील करते हुए विभाग को पत्र लिखे थे। ऐसे में ये प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर और जयपुर के चक्कर लगा रहे हैं ताकि नो अपील के आदेश से उनको भी रिलीव कर दिया जाए। इनका कहना है कि उनके बारे में सही जानकारी उपविधि परामर्शी बीकानेर को समय पर नहीं भेजी नहीं गई थी और न ही संवाद कायम किया गया।

इनका कहना......
हमने समय-समय पर प्रकरण निदेशालय भेज दिए थे। वहां से यह नाम क्यों शामिल नहीं हो पाए, यह कह नहीं सकते हैं। इनके बारे में जैसे ही नो अपील के निर्देश आएंगे, इनको रिलीव कर देंगे। - सुशीला नागौरी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक उदयपुर