
धरियावद के जाखम बांध पर ओवरफ्लो होने पर चलती पानी की चादर
धरियावद. तहसील क्षेत्र के किसानों व ग्रामीणों की उम्मीदों का जाखम बांध बुधवार को आखिरकार दो साल के इंतजार के बाद छलक गया। 31 मीटर भराव क्षमता वाला संभाग का सबसे ऊंचा जाखम बांध ओवरफ्लो हो गया। जिस पर दोपहर तक 5 सेमी की चादर चल रही है। वहीं, बांध के छलकने की सूचना मिलते ही किसानों व ग्रामीणों में चेहरे खुशी से खिल उठे। जाखम जल परियोजना सिंचाई धरियावद के अधिशासी अभियंता चंद्रप्रकाश मेघवाल के साथ सहायक अभियंता नीरज कुमार मीणा, कनिष्ठ अभियंता निखिल कुमार दवे, यशप्रताप सिंह राणावत, सोहन मीणा, अक्षय जनवा की टीम सुबह जाखम बांध पहुंची। जहां बांध की विधिवत पूजा कर निरीक्षण किया। इधर, पूर्व विधायक नगराज मीणा ने भी जाखम बांध के लबालब होने पर खुशी जाहिर की। किसानों ने बताया कि सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य के प्राकृतिक नैसर्गिक सौंदर्य के बीच तीन जिलों उदयपुर-प्रतापगढ़-चित्तौड़गढ़ जिले की सीमा के बीच स्थित जाखम बांध की 35 किमी दाई व 39 किमी बाई मुख्य नहरों के जरिए धरियावद क्षेत्र की करीबन 28 हजार हैक्टेयर क्षेत्र से अधिक में रबी सीजन (गेंहू) की सिंचाई किसान करते हैं। इसलिए किसानों की फसलों की यह संजीवनी कहलाता है। बांध बनने के बाद सबसे पहले पहली बार 1987 में बांध से पानी नहरों से फसल सिंचाई के लिए छोडा था।
अधिशासी अभियंता मेघवाल ने आदेश जारी कर आमजन को भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए बांध में लगातार पानी की आवक के मद्देनजर बांध में किसी भी समय अत्यधिक पानी आने की संभावना के चलते बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम में जाखम नदी बहाव क्षेत्र के यहां किसी प्रकार की कोई भी गतिविधि नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण व मॉनिटरिंग की बात कही।
जाखम बांध परियोजना सिंचाई विभाग के अनुसार 1986 से लेकर 2022 तक 31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध इस साल को मिलकर अब तक 22 बार छलका हैं। यह बांध वर्ष 1986, 88, 89, 90, 91, 93, 94, 96, 2001, 2004, 06, 11, 12, 13, 15, 16, 17, 18,19, 2020, 2022 और 2024 में छलका।
Published on:
19 Sept 2024 12:45 am
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