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सीएमएचओ कार्यालय से कुछ दूर चला रखा था फर्जी हॉस्पिटल, झोलाछाप कर रहा था कोरोना मरीजों का उपचार

- प्रशासन के शिकंजे में झोलाछाप- भूपालपुरा स्थित श्रीजी हॉस्पिटल पर देर रात प्रशासनिक टीम की कार्रवाई - आठ मरीज थे भर्ती, बिना सरकारी अनुमति के कर रहा था उपचार

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सीएमएचओ कार्यालय से कुछ दूर चला रखा था फर्जी हॉस्पिटल, झोलाछाप कर रहा था कोरोना मरीजों का उपचार

सीएमएचओ कार्यालय से कुछ दूर चला रखा था फर्जी हॉस्पिटल, झोलाछाप कर रहा था कोरोना मरीजों का उपचार

भुवनेश पंड्या

उदयपुर. भूपालपुरा स्थित सीएमएचओ कार्यालय से कुछ दूरी पर श्री जी हॉस्पिटल नाम से चल रहे एक फर्जी यानी झोलाछाप के हॉस्पिटल पर शुक्रवार देर रात जिला परिषद सीईओ डॉ. मंजू की अगुवाई में टीम ने छापा मारा।
छापे में सामने आया कि यहां अरूण जोशी, जो बीएचएमएस का डिग्रीधारी है, वह बिना सरकारी अनुमति और बिना प्रोटोकोल के कोरोना पॉजिटिव मरीजों को भर्ती कर उपचार कर रहा था। जांच में सामने आया कि वह अर्से से बकायदा मरीजों को भर्ती कर रहा है। उपचार के नाम पर लोगों से जमकर लूट खसौट कर रहा है।

मामला खुलने के बाद प्रशासन की ओर से भूपालपुरा थाने में जोशी के खिलाफ मामला दर्ज कर मरीजों को अन्य चिकित्सालयों में भर्ती करवाया गया, इसके बाद हॉस्पिटल को सील करने की कार्रवाई की गई। रात नौ बजे पहुंची टीम ने देर रात 11 बजे तक कार्रवाई कर मरीजों के लिए अन्य हॉस्पिटलों में भर्ती करने की व्यवस्था की।
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ऐसे खुला पूरा मामला
सीईओ डॉ. मंजू ने बताया कि उसके पास किसी मरीज के परिजन का फोन आया था, कि मरीज गंभीर है, श्रीजी अस्पताल में भर्ती है, वेंटीलेटर चाहिए। इसे सुनने के बाद तत्काल हॉस्पिटल के बारे में पता किया तो जानकारी मिली कि ये तो कोविड के लिए अधिकृत किए गए चिकित्सालयों में शामिल ही नहीं है। इसके बाद तत्काल डॉ. मंजू, एसडीएम मावली मयंक मनीष व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अंशुल म_ा भूपालपुरा उस हॉस्पिटल में पहुंचे। यहां जाकर पता चला कि कोई फुल टाइम चिकित्सक ही उपचार करने वाला नहीं है। हॉस्पिटल संचालक अरूण जोशी, बीएचएमएस डिग्रीधारी है और उसके पास सरकारी अनुमति नही है कि वह कोरोना मरीजों का उपचार कर सके।

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यह मिली स्थिति

- हॉस्पिटल में आठ मरीज भर्ती थे, जो आरटीपीसीआर व सिटी स्कोर के आधार पर भर्ती किया गया था।
- मरीजों को यहां ऑक्सीजन पर ले रखा था, यहां ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर व पांच सिलेंडर भी मिले।

- सभी 8 मरीजों को एक ही कमरें में भर्ती कर रखा था, जिसमें संदिग्ध, कोविड शामिल थे। जांच में पता चला कि सभी की आरटीपीसीआर रिपोर्ट उनके पास नहीं है।
- मरीजों का नियमित रिकॉर्ड भी हॉस्पिटल के पास नहीं था।

- हॉस्पिटल में जो-जो मरीज आते उन्हें तत्काल भर्ती कर पैसा लेने का काम चल रहा था।
- जब मरीज गंभीर हो जाता तो उसे दूसरे हॉस्पिटल जाने का कहकर बाहर कर दिया जाता।

- बातचीत में सामने आया कि यहां रूटीन सर्जरी भी हो रही थी।
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यहां भेजे मरीज
दो मरीजों को गीतांजली हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जबकि अन्य छह मरीजों को एमबी चिकित्सालय में भर्ती करवा जरूरी उपचार शुरू किया गया है। घटना को लेकर भूपालपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया है।

डॉ. अंशुल म_ा, जिला क्षय रोग अधिकारी, उदयपुर
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मामला दर्ज कर रहे हैं...
अनाधिकृत रूप से भूपालपुरा में श्री जी हॉस्पिटल के नाम से प्राइवेट हॉस्पिटल संचालन की रिपोर्ट चिकित्सा विभाग की ओर से दर्ज करवाई गई है। प्रशासनिक टीम ने छापा मारा था, उसमें अनियमितताएं मिली, इस कारण आपदा प्रबन्धन अधिनियम में मामला दर्ज किया गया है, जांच कर कार्रवाई करेंगे।

भवानीसिंह राजावत, थानाधिकारी, भूपालपुरा उदयपुर

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