
दो दिन के प्रयास के बाद पैंथर मां से मिलवाया चार माह की बेटी को
धीरेंद्र कुमार जोशी. उदयपुर. बलीचा स्थित भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम) में सोमवार सुबह मिले पैंथर शावक को उसकी मां से मिलवाने के लिए सर्द रातों में वनकर्मी जंगल में बैठे। मंगलवार रात को उन्हें सफलता मिली और पैंथर शावक को मां अपने साथ लेकर चली गई।
क्षेत्रीय वन अधिकारी विजेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि सोमवार सुबह 6.30 बजे आईआईएम से फोन आया कि एक पैंथर का बच्चा संस्थान की पहली मंजिल पर बैठा हुआ है। इस पर वे वनरक्षक कमलाशंकर मीणा व पशु रक्षक मेहताब सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। शावक को अपने साथ लेकर आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। आईआईएम के आस पास घना जंगल (बीड) है। करीब एक किलामीटर वर्गमीटर में मादा पैंथर की गतिविधि देखी, लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे में मादा शावक जो करीब चार माह की है सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लेकर आए। यहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सक की निगरानी में उसे रखा गया। शाम छह बजे शावक को पुन: मौके पर ले जाया गया। पूरी रात निगरानी रखी लेकिन पैंथर की मां नहीं आई। ऐसे में मंगलवार सुबह उसे पुन: चिकित्सक की देखरेख में रखा। मंगलवार शाम सिसोदिया विभाग के कार्मिक रवीन्द्र सिंह, सज्जन सिंह, कमलाशंकर मीणा मेहताब सिंह व रणजीत आर्य वाहन चालक के साथ शावक को लेकर पुनः उसी स्थल पर पहुंचे और निगरानी की। रात को शावक की मां तीन बार मौके स्पेशल पिंजरे के पास आई और रात करीब साढ़े दस बजे उसे लेकर चली गई।
गाड़ी देखकर लौटी दो बार
सिसोदिया ने बताया कि शाम छह बजे से हम मौके पर स्पेशल पिंजरा रखकर बैठे। इस दौरान 7.30 व 8.30 मादा पैंथर मौके पर आई, लेकिन पिंजरे से कुछ दूरी से ही लौट गई। उस समय हम लोग गाड़ी में बैठे हुए थे। ऐसे में हमने गाड़ी हटाने का निर्णय किया और 50 फीट दूर खाई में छिपकर बैठ गए। इसके बाद रात करीब साढ़े दस बजे मादा पैंथर पिंजरे के पास आई। शावक और पैंथर की गतिविधि से आश्वस्त होने के बाद रस्सी से पिंजरे की कुंडी खोली। इस पर मादा पैंथर उसे मुंहमें उठाकर ले गई।
Published on:
29 Dec 2022 09:35 pm
बड़ी खबरें
View Allउदयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
