
मनरेगा : रोजगार देने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर
उदयपुर. मॉडिफाइड लॉकडाउन के तहत मनरेगा में भी उदयपुर जिले में 45 हजार श्रमिकों को काम दिया गया है। पहले दिन यह संख्या 26 हजार थी तो मंगलवार को जिले में 45 हजार श्रमिकों को काम दिया गया। सरकार के निर्देश के तहत अभी व्यक्तिगत कार्य श्रमिकों को दिए गए है। इसमें प्रधानमंत्री आवास योजना एवं खेत समतलीकरण के कार्य है जिन पर श्रमिकों को कार्य दिए गए है। वैसे सामुदायिक कार्य भी शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखना जरूरी होगा। जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी कहते है सामुदायिक कार्य में तालाब की खुदाई के कार्य सबसे पहले शुरू किया जाएगा ताकि इसमें दूरी बनाते हुए सोशल डिस्टेंश की पूरी पालना होगी।
सलूंबर. मनरेगा के तहत सलूंबर पंचायत समिति क्षेत्र में कार्य अभी शुरू नहीं हुए है। यहां अभी 4000 मजदूरों का आवेदन कर मस्टररोल तैयार किए गए है। विकास अधिकारी विशाल सीपा ने बताया कि काम शुरू होने के दौरान मास्क एवं सेनिटाइजर की मौके पर सोशल डिस्टेंस के साथ व्यवस्था होगी।
भटेवर. यहां पर श्रमिकों की मांग के अनुसार कार्य शुरू कराए जाएंगे। भटेवर ग्राम विकास अधिकारी निखिल गोयल ने बताया कि व्यक्तिगत तौर पर मनरेगा का काम शुरू किया है। जिसमे जिन श्रमिको के पीएम आवास स्वीकृत हुआ है उन श्रमिको को खुद अपने मकान का काम पूरा करने के लिए लगाया गया है।
कोटड़ा पंचायत समिति कोटड़ा ने प्रधानमंत्री आवास, वन विभाग, रपट निर्माण, चेक डेम आदि कार्यो के लिए मंगलवार शाम तक 4000 लोगो को मस्टरोल जारी कर दिए है।
गोगुंदा. यहां पंचायत समिति में मस्टरोल जारी हुए है। अधिकारियों का कहना है कि व्यक्तिगत स्तर के कार्य बुधवार से शुरू किए जाएंगे।
Published on:
23 Apr 2020 10:34 am
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