
उदयपुर . नगर निगम में आज ही के दिन चन्द्रसिंह कोठारी ने महापौर के रूप में कुर्सी संभाली थी। वे गत तीन वर्ष की कई उपलब्धियां गिना रहे हैं, लेकिन जनता की नजर में उनके कार्यकाल को लेकर रिपोर्ट अधिक संतोषप्रद नहीं है। लोगों ने इस संबंध में खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि जो भी निर्णय किए या आदेश जारी किए, उसकी पालना कितनी हो रही है इस पर इस बोर्ड को जरूर चिंतन करना चाहिए।
लोगों ने भाजपा बोर्ड के सामने कई मुद्दे रखे। किसी ने अपनी समस्या की अनदेखी का दुखड़ा सुनाया तो किसी ने बोर्ड के निर्णयों की हकीकत बताई। कइयों ने बोर्ड की शुरुआत व आज की स्थिति में अंतर गिनाए। शहरवासियों के तीन वर्ष के कार्यकाल को लेकर अनुभव इस प्रकार है:-
आप सब्जी मंडी शिफ्ट नहीं कर सके
शहर के बीच मुखर्जी चौक स्थित मुख्य सब्जी मण्डी का नगर निगम ने बहुत ही व्यवस्थित ढंग से इसका निर्माण करवाया, परन्तु आज भी मण्डी में आधी से ज्यादा जगह उपलब्ध होने के बावजूद सब्जी एवं फल विक्रेता अस्त-व्यस्त ढंग से फल-सब्जी का व्यापार कर रहे हैं। मैंने इस सन्दर्भ में महापौर को भी लिखा। इसी प्रकार शहर में सुलभ व सस्ती परिवहन की सुविधा के लिए सिटी बसों का संचालन हर रूट पर अभी तक नहीं कर सके। अभी कुछ सिटी बसों का संचालन हो रहा है परन्तु वे स्मार्ट सिटी के स्टैण्डर्ड की कहीं से भी प्रतीत नहीं होती है।
सुबोध दुग्गड़, अहिंसापुरी
छोटे सा काम, समाधान अब तक नहीं
&वार्ड 50 के शक्तिनगर की मेन रोड पर मकान संख्या 110 से 116 तक सडक़ किनारे करीब दो फीट चौड़ी पट्टी पर डामरीकरण नहीं किया गया है जिससे वहां खरपतवार उग आई है तथा मच्छरों ने परेशान कर रखा है। ऐसा नहीं है कि निगम को नहीं बताया, निगम की हेल्पलाइन पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई। राज पोर्टल पर भी 10172352619258 नंबर से शिकायत दर्ज करवाई लेकिन नगर निगम में कोई सुनवाई नहीं की।
के.जी. मलिक, शक्तिनगर
अब तो कुछ कीजिए हमारा
साइफन कॉलोनी में नाली के निर्माण के लिए बजट पास हुआ परन्तु काम आधा अधूरा हुआ। कहीं नालियां बनाई और कहीं छोड़ दी गई। पार्षद को भी कई बार बताया लेकिन कुछ नहीं हुआ। सफाईकर्मी भी नहीं आते जिससे कॉलोनी में बहुत गंदगी रहती है, खासकर के नदी के पास वाले घरों के बाहर।
सन्नी, साइफन कॉलोनी
जरूरत 34 सफाईकर्मियों की और हैं 14
वार्ड 16 में पानी व सफाई की बड़ी परेशानी है। सफाई के लिहाज से वार्ड करीब 35 बीट का है, लेकिन वहां पर तीन वर्ष से 13-14 कर्मचारी ही हैं। कई बार महापौर, आयुक्त, समिति अध्यक्ष को पत्र लिखे लेकिन कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई। नतीजा सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
-राजेन्द्र वसीटा, पार्षद
स्मार्ट सिटी के कार्यों को पूरा होने में समय लगेगा, तब तक शहर को स्मार्ट बनाने के लिए निगम से कुछ बजट खर्च प्रमुख चौराहा, बाजारों व पर्यटन स्थलों पर अच्छे पब्लिक टॉयलेट बनवाएं और उनकी नियमित साफ-सफाई कराएं। इसके अलावा सडक़ों के बीच मौत का कारण बनने वाले डिवाइडरों पर संकेतक लगाए, उनको थोड़ा ऊंचा उठाए ताकि दूर से वाहनों को डिवाइडर दिख जाएं। चौराहों व खासकर चिकित्सालयों के बाहर पैदल रोड क्रॉस करने वालों की मदद के लिए काम कीजिए। एलईडी लाइटें दिन में जलती और रात में नहीं ऐसा क्यों? ये छोटे-छोटे काम शहर की सुरत बदलेंगे और आपका विजन भी दिखेगा।
शैलजा, कोर्ट चौराहा
अपने स्तर पर भी अवैध निर्माण हटाए
अवैध निर्माण को लेकर शुरुआत में जो सख्ती दिखाई, वह रोक क्यों दी है। शहर में हो रहे अवैध निर्माण आप और आपकी टीम को भी दिखते हैं फिर आप यह क्यों कहते हैं कि लिखकर दीजिए कार्रवाई करेंगे। अपने स्तर पर कार्रवाई कीजिए ताकि शहर की बसावट की बिगड़ती दशा को सुधारने के लिए अभी से कुछ करें।
अंकुर शर्मा, हिरणमगरी
Published on:
26 Nov 2017 12:21 pm
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