
सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में एक टाइगर और एक लायन आएगा और बदले में यहां से लायन प्रशांत को पिलिकुला (कर्नाटक) भेजा जाएगा। वहां कुछ पक्षी भी भेजे जाएंगे। यहां बाघिन दामिनी का अकेलापन दूर होगा, वहीं दो नर लायन के बजाय अब जोड़ा बन जाएगा।केन्द्रीय जंतुआलय प्राधिकरण ने एक्सचेंज प्रोगाम के तहत पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क से लायन व टाइगर लाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया। आदेश उपवन संरक्षक कार्यालय को शुक्रवार को मिला। आदेश के अनुसार उदयपुर से लॉयन प्रशांत और तीन तोते सहित कुल चार पक्षी पिलिकुला बायो पार्क को दिए जाएंगे। वहां से हमें एक नर टाइगर और एक मादा लायन दिए जाएंगे।
लॉयन में टकराव का था खतरा
सज्जनगढ़ बायो पार्क में अली और प्रशांत नामक नर लॉयन हैं, जबकि मादा लॉयन की कमी थी। दोनों नर लॉयन होने से हर समय टकराव का खतरा बना रहता है। ये कमी दूर करने के लिए पिलीकुला से एक मादा लॉयन लाई जाएगी। ऐसे में नर-मादा लॉयन की जोड़ी बन जाएगी।
उदयपुर से कर्नाटक स्थित पिलिकुला बायोलॉजिकल पार्क की दूरी 1660 किलोमीटर है। उदयपुर से अहमदाबाद, सूरत, पुणे मार्ग होकर पिलिकुला वन्यजीवों को लाया, ले जाया जाएगा। डीएफओ टी. मोहनराज ने बताया कि अब वन्य जीवों को लाने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
Published on:
18 Feb 2017 03:53 pm
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