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नाइट बाजार अब तक नहीं हो पाया साकार, उदयपुर में पर्यटकों को खलती है कमी

शहर में आने वाले पर्यटक रात में बाजार बंद होने पर होते हैं परेशान, नहीं मिलती सुविधाएं, लंबे समय से की जा रही नाइट बाजार की मांग
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लेकसिटी दुनिया के प्रमुख पर्यटन शहरों और खूबसूरत शहरों में शुमार हो चुकी है। यहां हर साल लाखों देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। वे अपने साथ कई यादें ले जाते हैं। लेकिन शहर में उन्हें जो कमी खलती है, वह है यहां रात में किसी तरह की सुविधा का ना मिल पाना। यहां देर रात ना तो खाने-पीने, ना खरीदारी की सुविधा मिलती है।शहर के बाजार करीब 10 बजे तक अमूमन बंद हो जाते हैं। वहीं, रात 11 बजे बाद तो शहर में कहीं भी खाने-पीने की दुकानें ढूंढना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जो पर्यटक रात को यहां पहुंचते हैं अथवा रात को घूमने के शौकीन पर्यटकों को इससे निराशा होती है।

दरअसल, शहर में नाइट बाजार को लेकर लंबे समय से चल रहे प्रयास कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। अब तक नाइट बाजार की फाइल बाहर नहीं निकल पाई। तत्कालीन कलक्टर ने निगम आयुक्त को शीघ्र जगह तय कर नाइट बाजार शुरू करने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक यह बाजार नहीं खुल पाया। हालांकि कुछ पर्यटन स्थल जरूर 10 बजे तक खुले रहते हैं, लेकिन इंदौर, अहमदाबाद आदि शहरों में जिस तरह का नाइट टूरिज्म डवलप हो चुका है, उसकी कमी यहां खलती है।

रात 11 बजे बाद नहीं मिलता कुछ

नाइट बाजार नहीं खुलने से पर्यटकों को यहां 11 बजे खरीदारी तो छोड़ो खाने-पीने की चीजें भी नहीं मिल पाती। गुजरात से आने वाले पर्यटक हाइवे के ढाबों पर खाकर यहां आते हैं या फिर यहां से पर्यटक हाइवे की तरफ खाने के लिए निकलते हैं, जो वापस शहर में नहीं आकर आगे माउंट आबू निकल जाते हैं। शहर के व्यापारी वर्ग व होटल एसोसिएशन लंबे समय से नाइट बाजार की मांग कर रहे हैं। होटल एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधि पूरा शहर खोलने के बजाय चुनिंदा जगह को खोलने का सुझाव भी दे चुके हैं।

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