
ट्रैफिक नियमों में होगा बड़ा बदलाव। पत्रिका फाइल फोटो
उदयपुर। सड़क पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए अब व्यवस्था बदलने जा रही है। 15 अगस्त से मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुछ चुनिंदा उल्लंघन में मौके पर जुर्माना वसूलने की व्यवस्था खत्म कर दी जाएगी। नए प्रावधानों के अनुसार 23 तरह के ट्रैफिक नियम उल्लंघनों में निरीक्षक अब केवल चालान बनाएंगे और मामला सीधे न्यायालय भेजा जाएगा। इसके बाद जुर्माने का फैसला कोर्ट के आदेश के आधार पर होगा। परिवहन विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार मोटर वाहन अधिनियम-1988 में किए गए संशोधनों के तहत यह बदलाव लागू किया जा रहा है।
अब तक कई मामलों में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालक मौके पर ही जुर्माना जमा करवा मामला समाप्त कर देते थे। नई व्यवस्था में ऐसे मामलों को सीधे न्यायालय प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा-200 में कंपाउंडिंग से जुड़े प्रावधानों में बदलाव के बाद यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
नए नियमों के तहत बिना दस्तावेज वाहन चलाना, बिना रजिस्ट्रेशन वाहन संचालन, बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाहन चलाना, बिना परमिट वाहन संचालन, परमिट शर्तों का उल्लंघन, ओवरलोड वाहन चलाना, निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाना, अधिक यात्री बैठाना, सीट बेल्ट नहीं लगाना, हेलमेट नहीं पहनना, प्रतिबंधित क्षेत्र में हॉर्न बजाना, मोबाइल फोन का उपयोग करना और बिना बीमा वाहन चलाने जैसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी। खतरनाक ड्राइविंग, ट्रैफिक संकेतों की अवहेलना और अन्य गंभीर उल्लंघनों में भी अब सीधे कोर्ट प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
नई व्यवस्था में कुछ मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर वाहन चालक को चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा। लेकिन दोबारा वही गलती दोहराने पर मामला न्यायालय भेजा जाएगा। बिना रजिस्ट्रेशन या बिना फिटनेस वाले वाहनों के लिए भी पहली बार चेतावनी और दोबारा उल्लंघन पर कोर्ट कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
परिवहन विशेषज्ञ रवि गुप्ता का कहना है नई व्यवस्था से वाहन चालकों को नियमों के प्रति ज्यादा गंभीर होना पड़ेगा। पहले मौके पर जुर्माना देकर मामला खत्म हो जाता था, लेकिन अब न्यायालय प्रक्रिया में जाने से समय और अतिरिक्त खर्च दोनों बढ़ सकते हैं। इस बदलाव से सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद परिवहन विभाग के निरीक्षकों की भूमिका भी बदलेगी। अधिकारी अब मौके पर केवल नियम उल्लंघन दर्ज कर चालान तैयार करेंगे। जुर्माने की राशि तय करने का अधिकार न्यायालय के पास रहेगा। विभाग ने सभी निरीक्षकों को नई प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को परेशान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना है। गंभीर ट्रैफिक उल्लंघनों में अब मौके पर जुर्माना लेने की बजाय प्रकरण न्यायालय भेजे जाएंगे। इससे नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और वाहन चालक यातायात नियमों का पालन करने के प्रति अधिक जिम्मेदार बनेंगे।
-मुकेश डाड़, जिला परिवहन अधिकारी
Updated on:
07 Aug 2026 12:05 pm
Published on:
07 Aug 2026 12:05 pm
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