
जयपुर में हवामहल का भ्रमण करते ब्रिक्स सम्मेलन के प्रतिनिधि (फोटो- दिनेश डाबी)
Udaipur BRICS Summit: झीलों की नगरी एक दशक बाद फिर से ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित सदस्य एवं साझेदार देशों) के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की ओर से 8 अगस्त को ताजफतह प्रकाश पैलेस में ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों एवं वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मेलन होगा। इसमें भारत सहित ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के 15 देशों के वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक और प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुख भाग लेंगे।
सम्मेलन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत, सुरक्षा, आवागमन, आतिथ्य और पर्यटन भ्रमण के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई है। जिला कलक्टर कार्यालय के अनुसार, विदेशी प्रतिनिधियों का आगमन शुक्रवार से शुरू होगा। 8 अगस्त को ताजफतह प्रकाश पैलेस में मुख्य सम्मेलन होगा, जबकि 9 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल उदयपुर से रवाना होगा। पूरे प्रवास के दौरान उनके स्वागत, परिवहन, सुरक्षा और भ्रमण कार्यक्रमों के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को ब्रिक्स देशों के मंत्रिगणों के जयपुर प्रवास के सम्मान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रिभोज में विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद सहित ब्रिक्स देशों के गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि ब्रिक्स उद्योग एवं व्यापार मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी करना राजस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से प्रदेश में वैश्विक निवेश एवं औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम में राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप विदेशी मेहमानों का आतिथ्य सत्कार किया गया।
सितंबर में नई दिल्ली में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले राजस्थान में उच्चस्तरीय बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। गुरुवार से जयपुर में व्यापार एवं उद्योग मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें व्यापार, उद्योग, निवेश, पर्यटन और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यहां से निकलने वाले सुझाव सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एजेंडे का हिस्सा बनेंगे।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के निर्देशानुसार विदेशी मेहमानों का महाराणा प्रताप हवाई अड्डे पर तिलक, पुष्पमाला, बुके और लोक कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ पारंपरिक राजस्थानी शैली में स्वागत किया जाएगा। इस व्यवस्था की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की उप निदेशक शिखा सक्सेना को सौंपी गई है।
प्रतिनिधिमंडल के लिए उदयपुर शहर भ्रमण का भी कार्यक्रम तैयार किया गया है। मेहमानों को सिटी पैलेस, जगमंदिर, सज्जनगढ़ (मानसून पैलेस), फतहसागर झील सहित उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा ताकि वे मेवाड़ की ऐतिहासिक धरोहर, संस्कृति और पर्यटन की समृद्ध पहचान से परिचित हो सकें।
जिला प्रशासन ने उद्यान विभाग को विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए पर्याप्त संख्या में पुष्पमालाएं और बुके उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं पर्यटन विभाग को स्वागत, भ्रमण और आतिथ्य की संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभिन्न विभागों के समन्वय से इस आयोजन को सफल बनाने की तैयारियां की जा रही हैं, ताकि विदेशी प्रतिनिधियों के सामने उदयपुर की सांस्कृतिक विरासत, राजस्थानी आतिथ्य और पर्यटन की वैश्विक पहचान प्रभावी ढंग से प्रस्तुत की जा सके।
उदयपुर साल 2016 में भी ब्रिक्स सम्मेलन का मेजबान बना था। उस समय 22-23 अगस्त को ब्रिक्स देशों के आपदा प्रबंधन मंत्रियों की दूसरी बैठक हुई। इसमें ऐतिहासिक उदयपुर घोषणा-पत्र अपनाया, जिसे आपदा जोखिम न्यूनीकरण के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान उदयपुर को फिर मेजबानी का अवसर मिला है।
Updated on:
07 Aug 2026 12:02 pm
Published on:
07 Aug 2026 12:01 pm
