7 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan: गोल्ड मेडलिस्ट अरुंधति चौधरी का राजस्थान क्रीड़ा परिषद करेगा सम्मान, सरकार देगी 1 करोड़ रुपए

Boxer Arundhati Choudhary: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज अरुंधति चौधरी के जयपुर एयरपोर्ट पर बेरुखी से स्वागत के बाद उठे विवाद पर राजस्थान क्रीड़ा परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। परिषद सचिव राजकेश मीणा ने स्पष्ट किया कि अरुंधति के सम्मान में जल्द समारोह आयोजित कर उनकी नाराजगी दूर की जाएगी।
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Aug 07, 2026

Glasgow CWG Gold Medalist Arundhati Choudhary

स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति चौधरी का स्वागत करते हुए लोग (पत्रिका फोटो)

Glasgow CWG Gold Medalist Arundhati Choudhary: जयपुर: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर देश और राजस्थान का नाम रोशन करने वाली मुक्केबाज अरुंधति चौधरी के स्वागत को लेकर उठे विवाद के बाद राजस्थान क्रीड़ा परिषद सक्रिय हो गया है। परिषद ने अब उनके सम्मान में समारोह आयोजित करने और उनकी नाराजगी दूर करने की बात कही है।

गौरतलब है कि कोटा की रहने वाली अरुंधति चौधरी जब मंगलवार को जयपुर लौटीं तो एयरपोर्ट पर राजस्थान क्रीड़ा परिषद ने उनके स्वागत में बेरुखी दिखाई। इससे अरुंधति और उनका परिवार काफी निराश दिखा। अरुंधति ने आरोप लगाया था कि राज्य की ओर से उन्हें अपेक्षित सम्मान और तैयारी के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं मिला।

तिथि और स्थान जल्द किए जाएंगे तय

राजस्थान क्रीड़ा परिषद के सचिव राजकेश मीणा ने गुरुवार को पत्रिका से बातचीत में बताया कि व्यस्तता के कारण वह स्वयं एयरपोर्ट नहीं जा सके। हालांकि, परिषद की ओर से एक खेल अधिकारी वहां मौजूद था। उन्होंने कहा कि अरुंधति के सम्मान में जल्द समारोह आयोजित किया जाएगा। इसकी तिथि और स्थान जल्द तय किए जाएंगे। उनका यह भी कहना है कि ग्लासगो से लौटने के बाद अरुंधति से कई बार बातचीत हुई है और यदि कोई नाराजगी है तो उसे दूर किया जाएगा।

एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि मिलेगी

सचिव राजकेश मीणा ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर राज्य सरकार की नीति के अनुसार खिलाड़ी को एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाती है, जो अरुंधति को भी मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाता है और अनुदान नहीं मिलने के आरोप सही नहीं हैं।

जयपुर पहुंचते ही अरुंधति चौधरी ने कही थी यह बात

जयपुर पहुंचने पर गोल्ड मेडलिस्ट अरुंधति चौधरी ने अपनी ऐतिहासिक सफलता का अनुभव साझा किया था। उन्होंने बताया कि फाइनल मुकाबले के दिन उनकी तबीयत काफी खराब थी और उन्हें तेज बुखार था। इसके बावजूद देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का जुनून इतना था कि उन्होंने बीमारी को खुद पर हावी नहीं होने दिया और रिंग में उतरकर पूरी ताकत से मुकाबला किया।

अरुंधति ने बताया कि फाइनल से ठीक पहले उनके शरीर में कमजोरी महसूस हो रही थी, लेकिन उनके दिमाग में सिर्फ भारत के लिए तिरंगा लहराने का लक्ष्य था। उन्होंने कहा था कि कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट चार साल में एक बार आते थे। ऐसे में मौका गंवाना उनके लिए बड़ी गलती होती। उन्होंने मुकाबले से पहले तय किया था कि मैच जितने भी राउंड का हो, उन्हें अपना 100 प्रतिशत देना था। पीछे हटने का मतलब चार साल तक दोबारा इंतजार करना होता।

पत्रिका से खास बातचीत में अरुंधति ने बताया कि बचपन में उनके पिता ने मजाक में कहा था कि बॉक्सिंग में मारने पर डांट नहीं, बल्कि पदक मिलेगा। यही बात उन्हें बॉक्सिंग की ओर ले गई थी। उन्होंने बताया कि वह चार महीने से घर नहीं गई थीं और उन्हें मां के हाथ का खाना बहुत याद आ रहा था। वहीं, उनके पिता ने जयपुर एयरपोर्ट पर सरकारी प्रतिनिधि के स्वागत के लिए नहीं पहुंचने की बात कही थी।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग