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भुखमरी का शिकार हुआ आदिवासी परिवार, 3 दिन से भूखे 4 बच्चे व पिता अस्पताल में भर्ती

अति पिछड़े झाड़ोल क्षेत्र में एक आदिवासी परिवार के तीन दिन से कथित रूप से भुखमरी के शिकार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तबीयत बिगडऩे पर चार बच्चों व पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद प्रशासन व चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है।  प्रदेश के 36 […]

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अति पिछड़े झाड़ोल क्षेत्र में एक आदिवासी परिवार के तीन दिन से कथित रूप से भुखमरी के शिकार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तबीयत बिगडऩे पर चार बच्चों व पिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद प्रशासन व चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया है।

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उपखण्ड क्षेत्र की कोचला पंचायत के वागड़ा निवासी बंशी लाल पुत्र काउवा लाल सांगिया गत दिनों बरसात के दौरान मजदूरी के लिए नहीं जा पाया व मौसमी बीमारी की चपेट में आ गया। दिहाड़ी मजदूरी पर आश्रित बंशीलाल के परिजनों ने चार-पांच दिन तक तो जैसे-तैसे खाने का जुगाड़ किया किंतु मुखिया के खाट पकड़ लेने पर आय बंद हो गई। साथ ही राशन सामग्री खत्म हो गई। बकौल बंशीलाल गत चार दिनों से उसकी पत्नी सहित चारों बच्चों के पेट में अन्न का एक दाना तक नहीं गया और पानी पी-पीकर जैसे-तैसे उसकी पत्नी लक्ष्मीबाई ने बच्चों को रखा।

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लगातार भोजन नहीं मिलने से रविवार को चारों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई लेकिन बंशी लाल बीमारी के कारण उन्हें अस्पताल नहीं ले जा सका। सोमवार दोपहर एएनएम भावना जोशी ने फील्ड विजिट के दौरान परिवार की हालत देखकर उनको दवाइयां दी व आशा सहयोगिनी को परिवार के पास दो किलोग्राम आटा पहुंचाने को कहा। मंगलवार सुबह आशा सहयोगिनी केसर देवी ने परिवार की हालत की जानकारी दी तो एएनएम दोबारा वागड़ा पहुंची।

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जहां पर गंभीर स्थिति देख बीसीएमओ झाड़ोल को फोन पर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया एवं बीसीएमओ के निर्देश पर उनको बाइक व बस में झाड़ोल सीएचसी पहुंचाया, जहां पर चिकित्साधिकारियों ने उपचार प्रारंभ किया।

भूखमरी तो नहीं हो सकती है। बीमार हुए ये बात सही है। एएनएम से सूचना मिलते ही उनको झाड़ोल बुलवा लिया था ।

धर्मेन्द्र गरासिया, बीसीएमओ, झाड़ोल

जानकारी गलत

जानकारी पूरी तरह गलत है। मुखिया के बीमार होने के बाद उसने इलाज नहीं करवाया जिससे वह ज्यादा बीमार हो गया। उसके बच्चे भी बुखार से पीडि़त मिले, जिससे वे ढंग से खा-पी नहीं पा रहे। बच्चों में बुखार की पुष्टि हुई है। उपचार चल रहा है। परिवार ने जुलाई में राशन उठाया था। घर में मवेशी भी हैं। अधिकारी मौके पर है।

रोहित गुप्ता, जिला कलक्टर

कलक्टर को देंगे रिपोर्ट

भुखमरी से एेसा हुआ है, तो शर्मनाक बात है। जांच के लिए तहसीलदार व बीडीओ को मौके पर भेजा है। परिवार को रसद सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी। ऐसे मौकों पर बीसीएमओ का मुख्यालय छोड़ रवाना होना गंभीर लापरवाही है। कलक्टर को लिखित में जानकारी दी जाएगी।

त्रिलोकचंद मीणा, उपखण्ड अधिकारी, झाड़ोल

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