
बिजली के बिना पड़े दाना-पानी के लाले
नरेश वेद . लसाडिय़ा. उपखण्ड मुख्यालय पर रविवार दोपहर को गुल हुई बिजली मंगलवार शाम को बहाल हुई। पचास से भी अधिक घंटे तक बिजली नहीं आने से कस्बा वासियों का जीवन प्रभावित हो गया। चक्की में अनाज पिसवाने से लेकर पेयजल बंदोबस्त तक, मोबाइल चार्ज करने से लेकर छोटे-बड़े उद्योगों तक सब काम ठप हो गए। बिना बिजली के दिन तो निकल गए, लेकिन रातें गुजारना दुभर हो गया।
बदहाल जिंदगी का आलम लसाडिय़ा में देखने को मिला। यहां रविवार दोपहर 2.30 बजे से तेज बरसात के साथ हवा चली। कुण के पास बेडासोटा में विद्युत लाइन के ३ खंभे धराशाई हो गए। ऐसे में कस्बे में दो दिन विद्युत आपूर्ति बाधित रही। लिहाजा गर्मी, उमस और रात को मच्छरों ने जीना दुभर कर दिया। रविवार का आधा दिन, रात और सोमवार का पूरा दिन गुजरने के बाद रात 11 बजे बिजली बहाल हुई, जो दो घंटे में ही पुन: गुल हो गई। विद्युत निगम कर्मचारी कमलेश गुर्जर, विष्णु गुप्ता, बलवन्तसिंह, सहायक अभियंता अमित कुमार फ ाल्ट ढूंढऩे में जुटे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिर मंगलवार शाम ५ बजे बिजली बहाल होने पर राहत मिली।
अघोषित कटौती ने किया आहत
धरियावद . तहसील में लम्बे समय से जारी बिजली की अघोषित कटौती और आंख मिचौनी से आमजन, काश्तकार और व्यापारी परेशान हैं। दिन में बिना कारण पांच से सात बार बिजली कटौती होती है। जिससे बिजली संचालित व्यवसाय पर भी बुरा असर पड़ रहा है। कई बार रात में बिजली बंद होती है, जिससे गर्मी में रात बिताना मुश्किल हो जाता है। निगम कर्मचारियों को फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। हालात नहीं सुधरने पर क्षेत्रवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। सोमवार शाम सलूम्बर मार्ग पर विद्युत लाइन टूटने से तहसील क्षेत्र में 6-7 घंटे तक बिजली बंद रही।
पहले ३३ केवी लाइन में बड़ा फ ॉल्ट आने से काफ ी समय ढूंढऩे में लग गया। इसके बाद लसाडिय़ा फि डर की बिजली बहाल की गई।
अमित कुमार, सहायक अभियंता, एवीवीएनएल
Published on:
26 Jun 2019 01:26 am
