
युवक ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- 'भूमाफिया ने हड़प लिया प्लॉट'
उदयपुर. सुखेर थाना क्षेत्र में जगलियों की मगरी में एक युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसके प्लॉट को हड़पकर धोखाधडी करने, मानसिक रूप से परेशान करना बताया। युवक की मौत को लेकर मुर्दाघर के बाहर परिजनों ने हंगामा किया और शव लेने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने सुखेर पुलिस पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
पुलिस ने बताया कि भुवाणा के पास जगलियों की मगरी निवासी शंकर (38) पुत्र पुरी लाल डांगी की मौत हो गई। वह नवरत्न कॉम्पलेक्स में अपने प्लॉट की धोखे से करवाई गई रजिस्ट्री को लेकर कुछ समय से तनाव में था। शंकर ने सुखेर थाने में रिपोर्ट भी दी थी। गुरुवार देर शाम को पत्नी और बच्चों के मंदिर जाने पर शंकर ने फंदा लगाकर जान दे दी। इससे पहले शंकर ने सुसाइड नोट लिखकर जेब में रखा। देर रात घर पहुंचे परिजनों ने फंदे से उतारा और एमबी हॉस्पीटल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
यह लिखा सुसाइड नोट में
शंकर ने मानसिक तनाव का जिम्मेदार गौरव कुमावत को बताया। लिखा कि मेरा प्लॉट नवरत्न कॉम्प्लेक्स में है। गौरव कुमावत पुत्र रमेश कुमावत ने प्लॉट ले लिया है। प्लॉट के पेटे रुपए नहीं दिए। इस प्लॉट की वजह से मैं बहुत दुखी हूं। इस वजह से मुझे आत्महत्या करनी पड़ रही है। मेरे मरने के बाद मेरे परिवार को न्याय और गौरव कुमावत को इसकी सजा दिलावें।
परिजनों का आरोप
परिजनों ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी ने शंकर को पेय पदार्थ में नशीली चीज मिलाकर पिलाकर रजिस्ट्री करवा ली थी। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। प्लॉट पर निर्माण कार्य रुकवाने गए तो शंकर और उसकी पत्नी के साथ मारपीट की गई।
समाजजनों ने किया प्रदर्शन
परिजनों ने शव मुर्दाघर में रखवाकर हंगामा किया। आरोपी की गिरफ्तारी, प्लॉट दिलवाने और जांच अधिकारी बदलने की मांग पर अड़ गए। शुक्रवार सुबह डांगी समाज और भुवाणा के स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने समझाकर मामला शांत कराया। मामले की जांच सुखेर से हिरणमगरी थानाधिकारी को दिए जाने और आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होने पर माहौल शांत हुआ।
Published on:
15 Aug 2021 12:35 am
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