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तीर्थंकर जन्मे, 1008 कलशों से हुआ महाभिषेक

तीर्थंकर जन्मे, 1008 कलशों से हुआ महाभिषेक

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तीर्थंकर जन्मे, 1008 कलशों से हुआ महाभिषेक

उदयपुर. आर्यिका सुप्रकाशमति ससंघ के पावन सान्निध्य में ध्यानोदय, बलीचा में कामधेनु शान्तिनाथ भगवान पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के तीसरे दिन मंगलवार को जन्मकल्याणक मनाया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा हुई। आयोजन में आचार्य अनुभव सागर ससंघ, मुनि पूज्यसागर, आर्यिका प्रज्ञामति ससंघ, आर्यिका प्रसन्नमति ससंघ का भी सान्निध्य मिला। इस अवसर पर टीवी कलाकार गरिमा जैन ने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।


समिति के अध्यक्ष राजेश बी शाह ने बताया कि सुबह श्रीजी के अभिषेक के बाद तीर्थंकर बालक का जन्म हुआ। राजदरबार सजाया गया और तीर्थंकर बालक का जन्मोत्सव मनाया गया। मुख्य संयोजक महेन्द्र रजावत ने बताया कि तीर्थंकर बालक के जन्म की ख़ुशी में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें प्रतिष्ठा के सभी इन्द्र- इन्द्राणी एवं सकल जैन समाज के सदस्य मौजूद थे। शोभायात्रा सुमेरू पर्वत पहुंची। बाद में सुमेरू पर्वत पर 1008 कलशों से तीर्थंकर बालक का महाअभिषेक किया। कार्यक्रम में स्वर्ण सौभाग्यवती ने तीर्थंकर बालक की आकार शुद्धि करने का सौभाग्य प्राप्त किया। शाम 4.30 बजे उपाध्याय के मंगल प्रवचन हुए।


शाम को श्रीजी, आचार्य एवं आर्यिका की मंगल आरती की गई। रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम में तांडव नृत्य, तीर्थंकर का पालन, बाल क्रीड़ा आदि के कार्यक्रम हुए।


हेलीकॉप्टर से की पुष्पवर्षा


समिति के गौरवाध्यक्ष भंवरलाल मुण्डलिया ने बताया कि तीर्थंकर बालक के जन्म के उपलक्ष्य में ध्यानोदय तीर्थ के प्रांगण में हेलीकॉप्टर से पुष्पवृष्टि की गई। इस दौरान भगवान के जयकारे लगे।


कर्मों से जन्म को सार्थक बनाना बड़ी बात-अनुभवसागर


प्रतिष्ठा के दौरान आचार्य अनुभवसागर ने कहा कि व्यक्ति का जन्म लेना कोई बड़ी बात नहीं है। जन्म को अपने कर्मों से सार्थक बनाना बड़ी बात है। मुनि ने कहा कि हर माता को गर्भ में ही बालक को ऐसे संस्कार देने चाहिए कि वह बालक जन्म लेकर अपना व अपने कुल का नाम रोशन करे।


तपकल्याणक में आज कवि सम्मेलन


पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव में बुधवार को तप कल्याणक मनाया जाएगा। रात को कवि सम्मेलन का आयोजन होगा जिसमें इंदौर के सत्यनारायण सत्तन, भीलवाड़ा के योगेंद्र शर्मा, शाहपुरा के डॉ कैलाश मण्डेला, कोटा के धर्मेन्द्र सोनी, चित्तौडग़ढ़ की दीपिका माही, प्रतापगढ़ के पार्थ नवीन कविता पाठ करेंगे। कवि सम्मेलन के सूत्रधार के कवि दाड़म चंद दाड़म होंगे।