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तीन महीने में हमारी व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी, फिर पेट्रोल-डीजल की बोट को सख्ती से रोक देंगे!

पत्रिका टी-टॉक में सवालों से रू-ब-रू हुए उदयपुर महापौर गोविंद सिंह टांक, बोले यातायात दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड रोड जरूरी

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उदयपुर महापौर गोविंद सिंह टांक

उदयपुर . शहर से जुड़े कई ज्वलंत सवालों का जवाब देने के लिए शनिवार को महापौर व आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन गोविंद सिंह टांक राजस्थान पत्रिका कार्यालय में थे। पत्रिका टी-टॉक में अभिषेक श्रीवास्तव से हुई विशेष बातचीत में उन्होंने झील, यातायात, अतिक्रमण, स्ट्रीट वेंडर, सफाई व्यवस्था समेत तमाम मुद्दों पर निगम का पक्ष रखा। कहा पहाड़ों का कटना चिंता का विषय है। यह देख दर्द होता है। उदयपुर की पहचान इससे है। मुख्यमंत्री से जब भी मुलाकात होगी, इस पर गंभीरता से बात करेंगे। साथ ही चिट्ठी लिखकर पहाड़ों की पीड़ा बताएंगे। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश...

Q-शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को लेकर विभागों में तालमेल नहीं है, इसे कैसे दुरुस्त कराएंगे?

A-जनसंख्या के अनुपात में ट्रैफिक ज्यादा है, रोड संकरी है। लोगों ने फुटपाथ पर कब्जे कर रखे हैं। राहगीरों के लिए सड़क पर जगह नहीं बची है। अभी अतिक्रमण हटाकर फुटपाथ खाली करवाए जा रहे हैं। अतिक्रमण हटने से काफी हद तक यातायात की समस्या से निजात मिलेगी। एलिवेटेड रोड भी शहर के लिए बेहद जरूरी है। वेंडर को भी व्यवस्थित किया जाएगा।

Q-शहर में वेंडर बहुत हैं, कैसे व्यवस्थित करेंगे ?

A-वेंडिंग कमेटी के माध्यम से जगह चिह्नित की है। एक-एक आदमी के 10-10 ठेले हैं। व्यवस्था कर रहे हैं कि वेंडर के पास लाइसेंस भी हो, उसके ठेेले पर नम्बर व ऑनर का फोटो लगा हो। जो स्थान वेंडर के लिए निर्धारित किया गया है, वहीं रहे। तकनीक का उपयोग करते हुए क्यूआर कोड के माध्यम से उसे नगर निगम के पोर्टल से जोड़ने की योजना है। इसका फायदा यह होगा कि आम आदमी भी सीधा स्कैन कर यह जान सकेगा कि वेंडर के पास लाइसेंस है या नहीं और वह गलत स्थान पर तो नहीं खड़ा है। पहले हम क्षेत्र के हिसाब से लाइसेंस दे रहे थे। अब स्थान लिखकर देंगे।

Q-अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चला, लेकिन निगम की टीम के जाने के बाद फिर हो गए ?

A-हां! आपकी बात से सहमत हैं। यह समस्या है। इसके निजात के लिए पेट्रोलिंग टीम बनाई है, जो लगातार निगरानी करेगी। दुबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी। अभी हमारे पास रेवेन्यू इंस्पेक्टर कम हैं। आठ की तुलना में सिर्फ दो हैं। राज्य सरकार से भर्ती की बात करेंगे, तब तक अन्य स्टाफ को यह जिम्मेदारी देंगे।

Q-सफाई व्यवस्था में इंदौर कीर्तिमान गढ़ रहा है और उदयपुर दिन प्रतिदिन पिछड़ रहा है?

A-यह सही है, सफाई की रैकिंग गिरने पर मुझे भी कष्ट हुआ, कचरा निस्तारण में हम फेल हो गए। शहर में सफाई तो ठीक है, निस्तारण में हमें 200 नम्बर मिलने चाहिए थे, उसमें 0 मिला है। इसके अलावा जो यूडीए के क्षेत्र में 6-7 वार्ड आ रहे हैं, वो हमें देने के लिए कहा। यूडीए के पास वहां खाली भूखंड पड़े हैं, वह चाहता है कि सफाई हम करें और भूखंड उसके पास रहें। इस कारण वहां थोड़ी गड़बड़ी हो रही है। सफाई में हम नवाचार करेंगे, कोई एक वार्ड या मोहल्ला ऐसा लेंगे, जिसे पत्रिका के माध्यम से जागरुकता फैलाते हुए मॉडल बनाएंगे।

Q-अब तो प्रदेश और शहर सरकार आपकी है, फिर इको फ्रैंडली नावों को लेकर क्या दिक्कत आ रही है?

A-हमने तो सख्त मना कर दिया कि पेट्रोल-डीजल की नावें नहीं चलाने देंगे। एक कंपनी को ठेका दे दिया है, नावें कोच्ची में बन रही है, उसमें समय लग रहा है। एक दो माह में सोलर बेट्री की नावें आ जाएंगी। उसके बाद सभी को सख्ती से पाबंद करेंगे। शीघ्र ही उदयपुर भारत में इको फ्रैंडली नाव चलाने में नम्बर वन पर होगा। झील विकास प्राधिकरण को उदयपुर लाने के लिए भी सीएम से बात करेंगे।

Q-महापौर बने थे तब क्या सोचा था, यह तो करना ही है ?

A-आते ही सोचा था कि सड़कें गड्ढा मुक्त हों, सबसे पहले उसी पर काम किया। अब गड्ढे कम मिलेंगे। जहां हैं हाथोंहाथ उन्हें रिपेयर कर रहे हैं। दूसरा यातायात दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड रोड। यह काम पहले यूआइटी कर रही थी, डीपीआर देखा तो गलत बनी हुई थी। नेशनल हाइवे के नियम डाल रखे थे। सब पर स्टडी कर नई डीपीआर बनाई है। कर्व को लेकर बवाल मच रहा था, उसका विकल्प ढूंढ़ा है। बिल्डिंग तोड़फोड़ व जमीन अधिग्रहण का हव्वा मचा रखा था। नई डीपीआर में कोई तोड़फोड़ नहीं हो रही, न ही जमीन अधिग्रहण की जा रही है। शीघ्र ही एलिवेटेड रोड का काम शुरू होगा। कुम्हारों के भट्टे की तरह ही यह सिंगल पिलर पर बनेगा। सिर्फ कोर्ट से स्वीकृति लेनी है, मुझे कोर्ट बुलाएगा तो मैं तथ्यों के साथ पक्ष रखूंगा।

Q-अरावली छलनी हो रही है और पानी की आवक प्रभावित हो रही है, क्या कहेंगे?

A-यह सही है, यह सब अनएक्टिवनेस के कारण हो रहा है। गड़बडिय़ां चल रही हैं। मुख्यमंत्री के ध्यान में डालेंगे और चिट्ठी भी लिखूंगा। इस मुद्दे पर उन्होंने साफ कहा कि आक्षेप भी लगाऊंगा कि यहां के अधिकारी मिले हुए हैं।

Q-नगर निगम कोई नया मार्केट बना रहा है क्या?
A-नहीं ! अभी ऐसा नहीं है, लेकिन हर वार्ड में वॉलीबाल कोर्ट बन रहा है, वहां नेट व अन्य सामान लगाएंगे, ताकि वार्ड के वाशिंदे खेल सके।

Q-पार्षदों के लिए क्या कर रहे हैं?
A-पार्षदों को भूखंड देने का प्रस्ताव आया था, उसे राज्य सरकार को भेज दिया है। अब उन्हें अयोध्या ले जाने का मानस बना रहे हैं। प्रभु श्रीराम के दर्शन के बाद उन्हें बनारस भी घूमाएंगे।

Q-परीक्षा की तैयारियां कर रहे बच्चों के लिए कोई टिप्स
A-एकाग्र मन से परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। पहले मैं बच्चों को बताता था कि कैसे तैयारी करते हैं, कैसे इंटरव्यू देना है। यह सब छूट गया, लेकिन महापौर का कार्यकाल पूरा होने के बाद मैं फिर से बच्चों से जुड़ने का प्रयास करूंगा।

मैं अब कभी नहीं कहता कि आरपीएससी का चेयरमैन रहा
मैं आरपीएससी का चेयरमैन रहा, लेकिन वर्तमान में पेपरलीक जैसे जो हालत बने उसके बाद मैं कभी नहीं कहता कि मैं वहां चेयरमैन रहा। अपना परिचय भी रिटायर्ड चीफ इंजीनियर के रूप में देता हूं। वहां बच्चों के भविष्य के साथ जो खिलवाड़ हुआ वो नहीं होना चाहिए था, इसमें कई सारी गोपनीयता रखनी होती है, हमने रखी भी थी। राज्य सरकार ने इन गोपनीयता के बारे में हमसे नहीं पूछा, पूछेंगे तो जरूर बताएंगे।


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