छात्रा ने लिखा कि दो साल से टॉर्चर कर रहे हैं। हमारा बैचमेट इंटर्न बन चुका है। उनको भी 2-3 माह हो गए। हमारा अभी फाइनल इयर का फस्र्ट इंटरनल हो रहा है। वो भी फोर्सफुली जूनियर के साथ। झूठ बोला कि दो माह के अंदर एग्जाम ले लेंगे, लेकिन 2 साल से ज्यादा हो गए। भगवान जाने डिग्री कब मिलेगी। फाइनल इयर खत्म कब होगा। बहुत टॉर्चर किया इन्होंने। शायद मैं अब एक्सप्लेन करने की हिम्मत में नहीं हूं। हमारा कॅरियर खराब कर दिया है। पैसे लेकर न जाने कितने बच्चों को, जो कभी कॉलेज नहीं आए। कभी मुंह दिखाने कॉलेज नहीं आए। उनको पास कर दिया। अपने मन से बच्चा फेल कर दो और ऑड बेंच बना दो। पैसा दे बच्चा तो ठीक, वरना उनका खून पीते रहें। इनका और ड्रामा झेलने की मेरी कैपिसिटी नहीं है। अगर इंडिया में जस्टिस मिलता है तो प्लीज भगवत को परमानेंट जेल में डाल दो। उनको भी सेम टॉर्चर फील हो, जो बच्चों को फील हो रहा है। वरना कोई बात नहीं। मुझे पता है इंडिया में कितना जस्टिस मिल सकता है। मैं यहां सिरदर्दी से फ्री होना चाहती थी, तो मैं हो गई, बाकी भगवान देख रहे होंगे।