
उदयपुर . त्योहार व मेले के सीजन में शहर की टूटी सडक़ों को लेकर जनता और जनप्रतिनिधि परेशान हैं। टूटी सडक़ों पर मरहम के लिए नगर निगम व यूआईटी को कोसा जा रहा है, वहीं गुरुवार को इसी मसले पर यूआईटी में चेयरमैन ने सभी इंजीनियरों को बुलाकर जनता के दर्द पर चिंतन करने और उसके अनुसार काम करने की सीख दी। दूसरी ओर नगर निगम में मीडिया ने सवाल उठाया तो मेयर ने कहा कि सडक़ें तो ठीक कर रहे हैं, लेकिन थोड़ी पीड़ा तो झेलनी पड़ेगी।
यूआईटी में शाम को चेयरमैन रवीन्द्र श्रीमाली ने सभी इंजीनियरों की बैठक बुलाई और टूटी सडक़ों की जानकारी ली। श्रीमाली ने तीखे शब्दों में कहा कि शहर में त्योहार है, मेला है, बाजार में रेलपमेल है और अब टूरिस्ट भी बढ़ेंगे। टूटी सडक़ों को भले ही हमने बड़े स्तर पर कवर कर ठीक दिया हो लेकिन जो सडक़ें अभी भी टूटी हैं, वे हमारे लिए दाग हैं। जनता को पीड़ा होती है, गाड़ी चलाते हुए दर्द होता है। अपने दिल पर हाथ रखकर इन सडक़ों को ठीक करने में लग जाएं। सचिव रामनिवास मेहता ने कहा कि अभी जो सडक़ें बाकी रह गई हैं, उन्हें जल्दी ठीक किया जाएगा। चेयरमैन ने सडक़ों की नियमित प्रगति रिपोर्ट देने को भी कहा।
संतान के लिए प्रसव पीड़ा भी सहनी पड़ती है
नगर निगम में सडक़ों को लेकर सवाल पर मेयर ने कहा कि संतान पाने के लिए एक मां भी नौ महीने तक प्रसव पीड़ा सहन करती है। ठीक उसी तरह अच्छे काम के लिए थोड़ी पीड़ा तो सहन करनी होगी। महापौर ने यह जरूर कहा कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि दीपावली से पहले शहर की सभी सडक़ें चकाचक हो जाएंगी। वैसे भी शहर में कार्य शुरू हो गया है और कुछ सडक़ें ठीक भी कर दी हैं। इस बीच निर्माण समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी ने कहा कि शहर में सडक़ों के लिए कार्यादेश जारी होने के साथ ही कार्य भी शुरू हो चुका है और सब जगह सडक़ें ठीक कर दी जाएंगी।
Updated on:
06 Oct 2017 03:08 pm
Published on:
06 Oct 2017 02:07 pm
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