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मंदिर के शिखर पर ध्वजा लहराना सुख-शांति, सौभाग्य का प्रतीक

- ध्वजा परिवर्तन के साथ रजत जयंती महोत्सव संपन्न- भगवान की शोभायात्रा निकाली

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मंदिर के शिखर पर ध्वजा लहराना सुख-शांति, सौभाग्य का प्रतीक

मंदिर के शिखर पर ध्वजा लहराना सुख-शांति, सौभाग्य का प्रतीक

उदयपुर. सेक्टर-4 स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर रजत जयंती प्रतिष्ठा महोत्सव मंगलवार को संपन्न हुआ। तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन श्री कल्याण मंदिर विधान की पूर्णाहुति एवं विश्व शांति महायज्ञ हुआ। ये आयोजन आचार्य वर्धमान सागर ससंघ के सानिध्य में हुए।
विश्व शांति महायज्ञ के बाद भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भक्तजन भक्ति गीतों पर नाचते-गाते चल रहे थे। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।

मंदिर पर हुए विधान पंडित पुष्पेंद्र जैन के निर्देशन में संपन्न हुए। सौधर्म इंद्र आकाश लाल चंद पाटनी, धनपति कुबेर शिखर चंद विनोद घाटलिया, महायज्ञ नायक डॉ. महेश वजुआवत, महेंद्र शाह, रोशन लाल लालावत, अशोक गोदरोत, राजेंद्र अखावत, लक्ष्मी चंद देवड़ा, झमक लाल अखावत, चंद्र लाल गोदावत, महेंद्र शाह एवं अन्य इंद्र- इंद्रणियों ने यज्ञ में आहुतियां दी। इसके बाद आचार्य के सानिध्य में मंदिर के शिखर पर अध्यक्ष झमक लाल अखावत परिवार ने ध्वजा परिवर्तन किया।
इस अवसर पर सेठ शांति लाल नागदा, नाथूलाल खलूडीया, लाल चंद पाटनी, झमक लाल अखावत, सुंदर लाल लूणदिया, हेमराज मालवी, पारस कुणावत, गौरव गनोडिया, राजेंद्र अखावत आदि मौजूद थे।
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आचार्य ने दिया आशीर्वाद
धर्मसभा में आचार्य वर्धमान सागर ने कहा कि मंदिर के शिखर पर ध्वजा लहराना सुख शांति सौभाग्य का प्रतीक है। जिस स्थान पर ध्वजा लहराती है। वहां सुख, शांति, समृद्धी रहती है। आचार्य ने समाजजनों को मंदिर प्रतिष्ठा के 25 वर्ष निर्विघ्न पूर्ण होने पर आशीष प्रदान किया। अध्यक्ष झमक लाल अखावत महामंत्री सुंदर लाल लूणदिया ने आभार ज्ञापित किया। संचालन गौरव गनोड़िया राजेंद्र अखावत ने किया।