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यूज्ड प्लास्टिक को खरीदा जाए, बड़े संस्थानों-कॉलेज में शुरू हो बस सुविधा

- स्पीक अप में उदयपुर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को लेकर युवाओं ने दिए कई सुझाव

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यूज्ड प्लास्टिक को खरीदा जाए, बड़े संस्थानों-कॉलेज में शुरू हो बस सुविधा

यूज्ड प्लास्टिक को खरीदा जाए, बड़े संस्थानों-कॉलेज में शुरू हो बस सुविधा

उदयपुर . शहर की ट्रैफिक व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रमुख मार्गों पर आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है। ऐसे में ऑड-इवन स्कीम लागू करने के साथ ही बड़े संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थाओं में आवागमन के लिए बसों की सुविधा होनी चाहिए। यह बात लॉ कॉलेज के युवाओं ने राजस्थान पत्रिका के स्पीक अप में कही।
शिवानी बानावत ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ऑड-इवन स्कीम लागू की जाए। इससे फ्यूल बचने के साथ ही सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा। बड़े भवनों में पार्किंग होना अनिवार्य किया जाना चाहिए। प्रमुख बाजारों में वाहन पार्किंग में ही खड़े करवाए जाएं।
आफताब खान ने बताया कि शहर की कचरा संग्रहण व्यवस्था लचर हो गई है। कचरे के कंटेनर हटाने के बाद लोगों ने उन स्थानाें पर ही कचरा फैंकना शुरू कर दिया है। इससे हर कॉलोनी और मोहल्ले में निश्चित जगहों पर दिनभर सड़कों पर कचरा इधर-उधर फैला रहता है।
इरम मेउ ने बताया कि प्लास्टिक रिसोर्सेज को बंद करने की आवश्यकता है। रि-साइक्लिंग सही तरीके से करने के साथ ही इको फ्रेंडली उत्पाद के लिए जागरूक की आवश्यकता है। उपयोग में ली गई पॉलीथिन और प्लास्टिक को खरीदने की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे लोग उन्हें इधर-उधर नहीं फेंकेंगे।
देव यादव ने बताया कि कॉलेज और बड़े संस्थानों में कामन बसों की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए भी बसों की व्यवस्था हो। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए चल रहे अन्य वाहनों की संख्या का निर्धारण शहर की जनसंख्या के आधार पर किया जाए।
सैयद मोहम्मद आरिफ ने बताया कि शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट काफी कमजोर है। चौराहों पर भी लोग बेतरतीब गुजरते हैं। कई जगह ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद नहीं रहती। पुराने शहर में चार पहिया वाहनों का प्रवेश बंद किया जाए। एकतरफा यातायात के नियम को सख्ती से लागू किया जाए।