
Watch : भगवान मिलन में खूब बही आध्यात्म की गंगा
Udaipur News : Sanwariya Seth Jagdish धीरेंद्र्र् कुमार जोशी/उदयपुर. मंडफिया से पधारे सांवलिया सेठ ( Sanwariya Seth ) ने बुधवार को नगर भ्रमण और पिछोला झील में नौका ( Boat ) विहार किया। इस अवसर पर तीन मंदिरों में प्रभु से प्रभु का भावभरा मिलन हुआ। इस धर्म गंगा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गोते लगाए। भगवान सांवलिया सेठ के गणगौर घाट पहुंचने पर नौका विहार किया और पिछोला को लहरिया ओढ़ाकर झीलों के भरने की कामना की गई।
दोपहर करीब ढाई बजे सांवलिया सेठ भटियानी चौहट्टा पधारे। यहां भट्टमेवाड़ा समाज के लक्ष्मीनारायण मंदिर में प्रभु के सम्मुख बिराजे और कुछ देर आराम किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी पं. अश्विनी कुमार भट्ट ने भगवान को भोग धराने के साथ आरती उतारी। यहां से सांवलियां सेठ को पालकी में विराजित कर पास ही मौजूद श्रीमाली समाज के महालक्ष्मीजी मंदिर ले जाया गया। यहां भी आरती और भोग लगाने की परंपरा का निर्वहन किया गया। इस दौरान भगवान के जयकारे गूंजते रहे। यहां से प्रभु की पालकी शोभायात्रा के रूप में रवाना हुई। भगवान की अगवानी कलश धारी महिलाएं कर रही थी। पूरे मार्ग में महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। महिलाएं डांडियां नृत्य करने के साथ ही भजनों पर भी झूमती रही।
जगन्नाथ स्वामी से मिलन
शोभायात्रा जगदीश मंदिर पहुंची। पालकी को जयकारों के बीच श्रद्धालु मंदिर में ले गए। भगवान सांवलियां सेठ को भगवान जगन्नाथ ( Jagdish ) स्वामी के सम्मुख गर्भगृह में ले जाया गया। प्रभु के मिलन के दौरान बाहर श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते रहे। इस बीच जयकारों से माहौल धर्ममयी हो गया। भगवान को भोग धराने के साथ ही आरती उतारी गई। इसे बाद सांवलिया सेठ को पुन: पालकी में विराजित कर जगदीश चौक लाया गया और भगवान को शोभायात्रा के रूप में गणगौर घाट ले जाया गया।
महिलाओं को किया सम्मानित
गणगौर घाट पहुंचने पर सांवलिया सेठ को छप्पन भोग धराया गया। इसके बाद माहेश्वरी महिला सेवा समिति का आयोजन हुआ। मंच पर समिति की अध्यक्ष किरण माहेश्वरी, नगर निगम महापौर चंद्रसिंह कोठारी, समाजसेवी जानकीलाल मूंदड़ा सहित समिति वरिष्ठ महिला सदस्य थे। आयोजन में उत्कृष्ठ कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
भगवान ने किया नौका विहार
आयोजन के बाद भगवान सांवलिया सेठ को नौका में विराजित किया गया और नौका विहार करवाया गया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने जोड़े में बैठकर ठाकुरजी और जल की पूजा की और आरती उतारी। इसके बाद एक अन्य नाव से पिछोला को लहरिया ( Lahriya ) ओढ़ाया गया और मेवाड़ की झीलों को भरा रखने की कामना की।
Udaipur News : Sanwariya Seth Jagdish
Published on:
22 Aug 2019 01:01 pm
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