
श्रीगंगानगर. वेतन कटौती के आदेश वापस लेने व वेतनवृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर 9 से 15 तक मैस का बहिष्कार कर काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों की ओर से सामूहिक रूप से अवकाश पर जाने के लिए अपने-अपने थानों में प्रार्थना पत्र दे दिए।
उदयपुर . वेतन में कटौती के विरोध में पुलिसकर्मियों का आंदोलन और तेज हो गया है। सोमवार को जवानों ने रोल कॉल का बहिष्कार किया तथा पुलिस लाइन की मुख्य सडक़ पर बैठ गए। जिनकी मेले व अन्य स्थानों पर ड्यूटी लगाई थी, वे ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। शाम को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बृजेश सोनी समझाइश के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन जवानों ने उनकी एक नहीं सुनी। इस बीच कई कर्मचारी संगठन उनके समर्थन में मैदान में कूद पड़े।
मामला बिगड़ता देख हालात संभालने के लिए देर रात तक पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल और पुलिस के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर समझाइश की। वे जैसे ही लौटे पुलिसकर्मी फिर विरोध में बैठ गए। इधर अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के पदाधिकारियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे और पुलिसकर्मियों की वाजिब मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। महासंघ ने ऐसा नहीं होने पर सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली। महासंघ की जिला संघर्ष समिति के संयोजक शेरसिंह चौहान ने चेतावनी दी कि सरकार ने आंदोलनरत पुलिसकर्मियों की मांगे नहीं मानी तो वे बुधवार को अपने सहयोगियों के साथ कलक्ट्रेट पर अनशन पर बैठेंगे।शिवसेना के उपसंभाग प्रमुख गजेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जिसमें वेतन कटौती नहीं करने, हार्ड ड्यूटी भत्ता देने, मेस भत्ता 4000 रुपए करने, सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी से लागू करने, साप्ताहिक अवकाश देने जैसी मांगें शामिल थी।
सेवारत चिकित्सक भी कूदे मैदान में
अखिल राजस्थान राजय कर्मचारी संयुक्त महासंघ के महामंत्री महेश व्यास व प्रवक्ता राजेन्द्र ने बयान जारी कर बताया कि सेवारत चिकित्सक संघ ने भी पुलिसकर्मियों के आंदोलन को समर्थन दे दिया है।
वेतन कटौती ठीक नहीं : शक्तावत
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव एवं पूर्व संसदीय सचिव गजेन्द्र सिंह शक्तावत ने सोमवार को एक बयान में राज्य में पुलिसकर्मियों की वेतन कटौती का विरोध करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने जनता की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के वेतनमान में कटौती कर उनके साथ विश्वासघात किया। शक्तावत ने कहा कि पुलिस हो, शिक्षा कर्मी या अन्य किसी के भी साथ इस तरह के निर्णय सहन नहीं किए जाएंगे। शक्तावत ने कांस्टेबलों की ग्रेड़ भी तय करने की मांग करते हुए कहा कि उनके हार्ड ड्यूटी एलाउन्स भी बढ़ाया जाए।
Published on:
17 Oct 2017 04:03 pm
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