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उदयपुर. मेवाड़ में मानसून की दस्तक कभी भी हो सकती है, पर उससे पहले विद्युत तंत्र को सुरक्षित बनाने के लिए हर साल किया जाने वाला बिजली निगम का प्री-मानसून मेंटनेंस इस बार तय समय पर पूरा नहीं हो पाया। पेड़ों की छंटाई, झुके हुए बिजली के खंभों को सीधा करना, जर्जर ट्रांसफॉर्मर स्ट्रक्चर की मरम्मत, ढीले कंडक्टर और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने जैसे अहम कार्य अभी तक करीब 50 प्रतिशत ही पूरे हो सके हैं। ऐसे में यदि मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाता है तो शहरवासियों को बिजली गुल होने और फॉल्ट की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
हर साल मई और जून में बिजली निगम की ओर से मानसून पूर्व विशेष अभियान चलाकर पूरे शहर के विद्युत नेटवर्क की जांच और मरम्मत की जाती है। इसका उद्देश्य तेज हवा, बारिश और पेड़ों की टहनियों से होने वाले फॉल्ट को पहले ही रोकना होता है। इस बार अभियान देर से शुरू हुआ, जिससे कार्य की गति शुरुआत से ही प्रभावित रही। परिणामस्वरूप शहर के कई इलाकों में अभी भी बिजली लाइनों से सटी पेड़ों की शाखाएं नहीं हटाई हैं। कई स्थानों पर झुके खंभे और कमजोर ट्रांसफॉर्मर स्ट्रक्चर भी मरम्मत की प्रतीक्षा में हैं।
तीन अहम वजह, जिससे काम प्रभावित
- बिजली निगम में लगभग सारा काम निजीकरण में है, ऐसे में बड़े स्तर पर ठेकेदार मनमाने तरीके से काम लेकर देरी करते रहे हैं।
- सभी काम ठेके में होने से ठेकेदारों को पर्याप्त संख्या में मजदूर और श्रमिक नहीं मिलने से भी मेंटिनेंस कार्य समय पर नहीं हो सका।
- मई और जून में रह-रहकर मौसमी बदलाव का असर होने से काम प्रभावित होता रहा और मेंटनेंस के काम में देरी होती रही है।
यह बन सकती है स्थिति
मानसून के दौरान तेज हवा और लगातार बारिश में इन्हीं स्थानों पर सबसे अधिक फॉल्ट होने की संभावना रहती है। पेड़ों की शाखाएं लाइनों पर गिरने, खंभों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने और ट्रांसफॉर्मर संरचनाओं के कमजोर होने से बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो सकती है। इससे शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण फीडरों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
बरसात में भी जारी रखना होगा काम
निगम इंजीनियर कहते हैं कि मानसून के दौरान भी युद्धस्तर पर मेंटनेंस कार्य जारी रखा जाएगा और फॉल्ट आने पर त्वरित कार्रवाई के लिए टीमें तैयार रहेंगी। फिर भी समय पर प्री-मेंटिनेंस पूरा नहीं होने से इस बार बारिश के मौसम में विद्युत आपूर्ति के भरोसे को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। उम्मीद है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने से पहले शेष कार्य तेजी से पूरा होगा।
मेंटनेंस वर्क की स्थिति
90 फीसदी काम हुआ हाइटेंशन लाइनों का
70 फीसदी हो पाया 132 केवी जीएसएस का
50 फीसदी ही हुआ 33 केवी जीएसएस का
30 फीसदी ही काम हो पाया ग्रामीण क्षेत्र में
इनका कहना है
मेंटनेंस का काम चल रहा है। उम्मीद है जल्द से जल्द काम को पूरा करेंगे ताकि बरसात में बिजली संबंधी किसी तरह की रुकावट की स्थिति नहीं बने।
केआर मीणा, एसइ, उदयपुर सर्कल
Published on:
30 Jun 2026 05:59 pm
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