
उदयपुर . लेकसिटी के युवा मूर्तिशिल्पी भूपेश कावडिय़ा ने टर्की के इस्तांबुल शहर में पब्लिक आर्ट कैम्पेन में देश का प्रतिनिधित्व किया। वे इस्तांबुल के मेयर के विशेष आमंत्रण पर वहां गए। जहां भारत सहित इटली, जापान, नीदरलैंड, टर्की से आए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मूर्ति शिल्पकारों ने 21 दिनों तक चलने वाले इस इन्टरनेशनल आर्ट सिम्फोजियम में इस्तांबुल शहर के अनेक सार्वजनिक स्थानों के सौन्दर्यकरण के लिए अपनी पाषाण कला का प्रदर्शन किया।
भूपेश ने वहां के ‘मरमरा’ स्टोन से लाइव डेमो करते 12 गुणा 12 फीट डायमीटर का ‘मून ऑफ होप लव एंड पीस’ टाइटल से मूर्तिशिल्प तैयार किया। इस दौरान वहां की यूनिवर्सिटी के अनेक विद्यार्थियों ने भी विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि कलाकारों संग स्कल्पचर आर्ट की बारीकियां सीखीं। इस कलायात्रा से लौटकर आने के बाद संस्मरण साझा करते भूपेश ने बताया कि विदेशों में ऐसे आयोजनों की व्यवस्थाएं और वहां के नागरिकों की इनमें भागीदारी देखते ही बनती है।
तीन सप्ताह सृजन के दौरान आयोजन स्थल पर आने वाले अधिकांश लोग हम सभी कलाकारों से कभी स्थानीय लजीज व्यंजन की सौगात लिए तो कभी पारम्परिक हस्तनिर्मित वस्तुओं की भेंट और मानवीय संवेदनाओं के साथ मिले। सबसे बड़ी बात युवा पीढ़ी में अपनी विरासत के अलावा दुनिया के अन्य देशों की सांस्कृतिक सभ्यता के आदान-प्रदान के प्रति लगाव है। भारतीय कृति के बारे में पूछे जाने पर वे कहते हैं कि पत्थर में लगे दर्पण में समय के साथ बदलती रोशनी के आयाम हर किसी में सकारात्मक भाव पैदा करते हैं। गौरतलब है कि भूपेश इससे पहले भी विश्व के अनेक शहरों में समकालीन मूर्तिकार के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
Updated on:
22 Nov 2017 09:17 am
Published on:
21 Nov 2017 08:10 pm
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