
कोटड़ा. 8 दिसंबर को समुदाय विशेष द्वारा उदयपुर के चेतक सर्किल पर लगाए गए आपत्तिजनक नारों के बाद इसका असर अब उदयपुर के आदिवासी अंचल के इलाकों में भी देखा जा रहा है । इसी कड़ी में उदयपुर के जनजाति बाहुल्य इलाके कोटडा में भी कुछ संगठनों की ओर से रविवार को बंद का आह्वान किया गया है। इस मामले को लेकर अल सुबह से ही कोटडा कस्बे की सभी दुकानों को बंद किया गया । वहीं पूरे कस्बे में कानून और व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया है। धार्मिक संगठनों की ओर से कोटड़ा में रैली निकाली गई और नारेबाजी की गई।
दूसरी ओर, उदयपुर में विभिन्न संगठनों ने गिरफ्तारी के विरोध में आगामी सोमवार को प्रस्तावित बंद की घोषणा वापस ले ली। जगदीश मंदिर में धर्मनारायण जोशी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन के सहयोग की समीक्षा करते हुए बंद की घोषणा को वापस लिया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों को सोमवार को जमानत पर रिहा कराने में पुलिस की ओर से सकारात्मक सहयोग मिलेगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उपद्रवियों से बरामद हुए 217 वाहनों को दस्तावेज देखने के बाद लौटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से 10 वाहनों के चोरी के होने की आशंका है। मामले में पुलिस स्तर पड़ताल जारी है। दूसरी ओर, मामले में संदिग्ध रहे युवकों को लेकर पुलिस अनुसंधान जारी है। विशेष सेल की रहेगी नजर गत दिनों के घटनाक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस ने सोशल मीडिया सेल का गठन किया है, जो सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयानबाजी को शेयर करने वाले लोगों पर विशेष नजर रखेगी। सेल नियमित तौर पर एसपी व कलक्टर को अपडेट देगी। एसपी ने आमजन से अपील की कि वे भूलकर भी धाार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों को शेयर नहीं करें। उनकी इस गलती को पुलिस गंभीरता से लेगी। अफवाहों से बचें कलक्टर मल्लिक ने स्पष्ट किया कि सोशल साइट्स पर कुछ लोग उदयपुर की मस्जिद में तोडफ़ोड़ जैसी अफवाहों को हवा दे रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। शहर के लोग इस सच से वाकिफ हैं, लेकिन लोगों की लापरवाही प्रदेश के अन्य जिलों में अशांति की वजह बन सकती है। एेसे में जिम्मेदार लोगों को एेसी अफवाहों को तूल नहीं देना चाहिए।
Published on:
17 Dec 2017 06:46 pm
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