
स्ट्रीट लाइटें बंद है, टोल फ्री पर शिकायत करा दी, अंधेरा दूर नहीं हो रहा
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. शहर स्मार्ट सिटी बनने की सीढिय़ां चढ़ रहा है लेकिन रात होने के बाद उदयपुर के कई इलाकों में लोग परेशान होने लग जाते है। बात इतनी सी है कि घर से बाहर निकले या कहीं घूमने जाए तो रास्ते में अंधेरा पसरा होता है। एक बार अहसास होता है कि वे शहर में रह रहे या कहीं दूर गांव में। यह तस्वीर एक जगह की नहीं कई जगह की है लेकिन स्ट्रीट लाइट को संभालने वाले जिम्मेदार शिकायत दर्ज करने के बाद भूल जाते है या फिर ध्यान नहीं देते है। असल में लेकसिटी में स्ट्रीट लाइट बंद होने और अंधेरा छाने को लेकर 55 में से कई वार्डों में शिकायतें है। वैसे स्ट्रीट लाइट को देखने वाले कहते है कि टोल फ्री पर शिकायत आते है उसे दिखवाते है फिर दूसरी तरफ पार्षद हो या जनता कहती है कि महीनों तक लाइटें ठीक नहीं होती है फिर वे कौनसी जगह स्ट्रीट लाइट ठीक कर रहे है। कई वार्डोँ में कई गली-मोहल्ले व कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट की शिकायतें है। एक पार्षद का कहना है कि कोई लाइट खराब हो जाती है तो उसको बदल तक नहीं रहे है।
चुनिंदा केस बता रहे लेकसिटी अंधेरे में
- केस 1 : वार्ड 6 के मल्लातलाई चौराहा पर लगे हाई मास्ट की सभी लाइटें बंद है, जब हाई मास्ट लगाया तब आसपास की लाइटें भी बंद कर दी थी।
- केस 2 : - वार्ड 6 के मल्लातलाई के गांधीनगर के डी ब्लॉक के पार्क व मुख्य मार्ग पर पैनल की समस्या से आए दिन स्ट्रीट लाइटें बंद रहती है।
- केस 3: वार्ड 7 में कई स्ट्रीट लाइट बंद है, शिकायतें दर्ज करा रखी है लेकिन लाइटों को ठीक करने कोई नहीं आया।
- केस 4: वार्ड 11 के भंडारी जी की घाटी, श्रीनाथ मार्ग, जडिय़ों की ओल में स्ट्रीट लाइट बंद है।
- केस 5 : वार्ड 32 में पिछले 6 महीने से आकाशवाणी कॉलोनी मैन रोड से लगाकर पिकॉक इंडस्ट्रीज तक की स्ट्रीट लाइटें बंद है।
- केस 6 : वार्ड 33 में कई स्ट्रीट लाइटें बंद है, ठीक करने वाले आए तो बोले कि कुछ सामान आएगा तो ही ठीक होगा।
पार्षद शिकायतें करते-करते लाचार हो गए
एलईडी लाइट्स लगाने के वक्त दावे किए गए थे कि इसका रखरखाव की व्यवस्था कंपनी देखेगी और व्यवस्था सुचारू होगी लेकिन कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा है, जमीनी स्तर पर परेशान हो रही है तो जनता। महापौर के वार्ड 4 में जब रात को गुजरते है तो वहां भी कई पैनल बंद रहते है, जनता अंधेरे में है।
- मोहसिन खान, नेता प्रतिपक्ष
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हमारे वार्ड में जहां स्ट्रीट लाइट बंद है, उससे अवगत कराया लेकिन ठीक नहीं हुई है। जनता को परेशानी तो हो रही है, स्ट्रीट लाइट के कार्य को प्राथमिकता से जल्द पूरा करना चाहिए ताकि लोगों को अंधेरे में दिक्कत नहीं आए।
- पंकज भंडारी, पार्षद
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स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को ठीक करने का कार्य बहुत कमजोर है। टोल फ्री नंबर पर शिकायत करने के बाद भी लम्बे समय तक समाधान नहीं होता है तो इसका क्या अर्थ निकाला जाए। टोल फ्री के अलावा एक्शन उदयपुर से लेकर नगर निगम आयुक्त को बताया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
- बाबूलाल कटारा, पार्षद
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आकाशवाणी कॉलोनी की समस्या को लेकर नगर निगम व यूआईटी एक-दूसरे पर डाल कर इतिश्री कर लेते है और पीस जनता रही है। यहां डेंजर जोन है, रात में एफसीआई के वहां जाम लगा रहता है और ऊपर से अंधेरा अलग। यूआईटी व नगर निगम को संयुक्त रूप से बैठकर इस लम्बी समस्या का निदान करना चाहिए।
- प्रमिला चौधरी, पार्षद
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मेरे वार्ड में एक महीने से ऐसी स्थिति थी कि रुक-रुक कर सभी स्ट्रीट लाइटें एक साथ बंद हो जाती थी। शिकायत करते हुए कई बार बताया लेकिन नहीं सुना, अब जाकर दो दिन पहले उसे ठीक किया। समस्या यह है कि एलईडी सिस्टम से पहले जो व्यवस्था थी वह बेहतर था, लोगों का मानना है कि एलईडी में रखरखाव पर पूरा ध्यान नहीं दिया जाता है जिससे परेशानी हो रही है।
- वेणीराम सालवी, पार्षद
इनका कहना है...
शहर में ऐसी स्थिति तो नहीं है। पिछले सप्ताह हुई बारिश में एक दो स्थानों पर 11 केवी के पोल पर लगी लाइट जरूर उड़ गई जिनको सही किया जा रहा है। निगम सीमा में स्थित स्ट्रीट लाइट का संधारण ईईएसएल की ओर से किया जा रहा है। टोल फ्री नंबर पर प्राप्त शिकायत का 48 घंटो में निस्तारण किया जा रहा है, अगर नही किया जाता है तो अनुबंध की शर्तानुसार 25 रुपये प्रति लाइट प्रतिदिन पेनाल्टी निगम की ओर से लगाई जा रही है।
- अंकित कुमार सिंह, आयुक्त नगर निगम
Published on:
28 Jul 2019 11:58 pm
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