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उदयसागर बांध के गेट 5 फीट खोले, सरजणा पर डेढ़ फीट की चादर, फसलों को नुकसान

उदयसागर बांध का गेट खोलने से मोरजाई और आसपास के गांवों में कृषि भूमि जलमग्न हो गई। बांध के गेट 5 फीट खोले गए। सरजणा पर डेढ़ फीट पानी की चादर फैल गई है।

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UdaySagar Dam gates opened
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UdaySagar Dam gates opened (Patrika Photo)

वल्लभनगर (उदयपुर): उदयसागर से निकलने वाली बेड़च नदी का प्रवाह वल्लभनगर के सरजणा बांध से होते हुए बड़गांव बांध में निरंतर जारी है। शुक्रवार देर रात वल्लभनगर बांध छलकने के बाद लगातार पानी बड़गांव बांध में पहुंच रहा है।


वहीं, शनिवार रात करीब 11:30 बजे बड़गांव बांध की 25 फीट जलभराव क्षमता पूरी होते ही पानी का स्तर धीरे-धीरे ऊपर आने लगा और रात करीब 1:30 बजे से 4 इंच की चादर चलने लगी। जैसे ही पानी छलकना शुरू हुआ, मोरजाई गांव के निवासी रमेश डांगी सहित लोग रात में ही जल पूजन के लिए बांध पहुंचे।


गांवों में खुशी की लहर


बांध छलकने की खबर से आसपास के गांवों में भी खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि, जलभराव से वल्लभनगर तहसील के कई गांवों की कृषि भूमि डूब क्षेत्र में आने से किसानों की फसलें खराब हो गई।


खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबने से नुकसान की स्थिति बनी। इसे देखते हुए वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।


उदयसागर बांध के 5 गेट खोले


सीसारमा से भी लगातार पानी की आवक होने से उदयसागर बांध के गेट 5 फीट तक खोले हैं। उदयसागर बांध के गेट 7 फीट तक खोले जा सकते हैं। यदि गेट रात में 7 फीट तक खोले जाते है तो वल्लभनगर बाईपास से होकर रूपावली पुलिया, धमानिया और तारावट गांव के बीच का संपर्क बाधित हो सकता है।


सरजणा बांध छलका


इधर, सरजणा बांध 29 अगस्त को छलक गया था। बांध की चादर अभी 1.5 फीट के करीब चल रही है। इससे बेड़च नदी पूरे वेग में बह रही है। नदी पर बना जरियाजी बावजी का मंदिर पानी में डूब गया है।

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