
संसद में बताया पानी नहाने योग्य भी नहीं, समीक्षा बैठक में कहा क्वालिटी अच्छी हैं
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. इन दिनों शहर में पीने के पानी को लेकर जनता का बड़ा मुद्दा सबके बीच है। पिछोला के पानी को लेकर तो हडकंप मचा हुआ ही है इसी बीच उदयसागर झील के पानी का मामला भी गहरा गया है। एक और नगर निगम व प्रदूषण मंडल ने संसद में बताया कि उदयसागर का पानी नहाने योग्य भी नहीं है वहीं दूसरी और जिले की समीक्षा की बैठक में उदयसागर के पानी की क्वालिटी को अच्छा बताया गया, पानी को उदयपुर लाने की बात कही गई। क्या उदयपुर के लोग प्रदूषित पानी पीएंगे यह उल्लेखनीय है कि सांसद अर्जुनलाल मीणा ने 12 मार्च 2020 को सवाल किया था जिसका जवाब केन्द्रीय मंत्री ने नगर निगम व प्रदूषण मंडल के आधार पर दिया था।
जिला प्रशासन ने 2 अप्रेल को जिले के प्रभारी मंत्री परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के समक्ष उदयसागर के पानी को गुणवत्ता युक्त बताया। अब मंत्री की बैठक की प्रोसेडिंग संबंधित विभागों तक पहुंची और उदयसागर के पानी को अच्छे बताने वाली लाइन देखी तो सब संशय में पड़ गए है। प्रभारी मंत्री की बैठक में नगर निगम के विषय पर जब चर्चा चल रही थी और पिछोला में क्रूज का विषय आया तब ही प्रशासन ने उदयसागर पर अपनी राय दी थी। निगम की चर्चा में उदयसागर के पानी को शुद्ध बताया दिया गया। पानी वही है, सीवरेज आज भी समाहित हो रहा है लेकिन एक साल पहले नहाने योग्य पानी नहीं बताया और एक सप्ताह पहले की बैठक में इसे अच्छा पानी बता दिया गया।
संसद में आंकड़ों के साथ बताया पानी नहाने योग्य भी नहीं
सांसद के सवाल पर 12 मार्च 2020 को संसद में जल शक्ति मंत्रालय की ओर से जवाब दिया गया कि उदयपुर में अपशिष्ट जल का एक भाग आयड़ नदी में छोड़ा जा रहा है, जो करीब 12 एमएलडी है। यह भी बताया कि उदयसागर झील का जल गुणवत्ता आंकडा बताता है कि उक्त पानी नहाने के लायक भी नहीं है क्योंकि जो आंकड़े आए उसमें पानी की गुणवत्ता मानदंड का अनुसरण नहीं कर रहा है, ऐसे में पानी ठीक नहीं है। यह जानकारी सरकार को नगर निगम उदयपुर एवं केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी।
झील का पानी उदयपुर शहर के लिए काम में लेंगे
प्रभारी मंत्री की बैठक की प्रोसेडिंग में अंकित किया गया कि बैठक में प्रशासन की तरफ से बताया गया कि उदयसागर के पानी की क्वालिटी बहुत अच्छी है, झील का पानी उदयपुर शहर के लिए काम में लेंगे। इस प्रोसेडिंग के सभी विभागों को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजी गई तब कुछ विभागों के अफसरों की इस पर नजर गई तो चक्करघनी हो गए।
होना यह चाहिए
उदयसागर का पानी अशुद्ध है। वहां के पानी में आयड़ में से बहकर जा रहे सीवरेज को सबसे पहले रोकना चाहिए। इसके साथ ही उदयसागर के पानी की लगातार जांच की जानी चाहिए। जब उसका पानी शुद्ध और पीने लायक होगा तब उसका उपयोग भी सप्लाई में ले सकते है। वैसे मावली विधायक धर्मनारायण जोशी विधानसभा में कई बार विधानसभा में सवाल उठा चुके है कि बागोलिया को भरने के लिए उदयसागर से पानी पहुंचाया जाए। सबसे पहले जरूरत इस समय यह है कि इस पानी को सीवरेज से बचाया जाए।
पिछोला को तो बख्श लो
इस समय सबसे बड़ा मुद्दा पिछोला झील को बचाना है जहां से शहर की प्यास बुझाई जा रही है। उदयपुर की प्यास बुझाने के लिए देवास प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपए खर्च पानी पिछोला में लाया गया है और लाया जा रहा है लेकिन पिछोला को बचाना जरूरी होगा। पिछोला में क्रूज को लेकर जनता का सवाल इसी बात को लेकर है कि प्यास बुझाने के लिए देवास से पानी लाए है, उसको क्रूज चलाकर प्रदूषित करने के लिए नहीं लाए है।
Published on:
09 Apr 2021 11:30 pm
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