22 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गुलाबचंद कटारिया ने मोहनलाल सुखाडिय़ा का मिथक तोड़ा, सीएम पद अभी सपना

www.patrika.com/rajasthan-news
2 min read
Google source verification
Sukhdia-katariya

कटारिया ने सुखाडिय़ा का मिथक तोड़ा, सीएम पद अभी सपना

मुकेश हिंगड़/ उदयपुर. आधुनिक राजस्थान के निर्माता कहे जाने वाले राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री स्व मोहनलाल सुखाडि़या ने उदयपुर शहर सीट पर चार बार विधायकी की कुर्सी हासिल करने का गौरव हासिल किया और उतनी ही बार वे प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हुए। भाजपा के गुलाबचंद कटारिया ने चार बार विधायक चुने जाने के सुखाडिय़ा के इस रिकार्ड को तोड़ा हालांकि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने में अभी तक कामयाब नहीं हुए हैं। राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर सर्वाधिक कार्यकाल पूरा करने वाले स्व सुखाडि़या जैसे कद्दावर नेता के सामने विपक्ष एक भी चुनाव में उदयपुर शहर में जीत हासिल नहीं कर पाया। जब सुखाडिय़ा मैदान में नहीं थे तब यहां विपक्ष के रूप में जनसंघ ने 1972 में खाता खोला और उसके बाद जनसंघ से भाजपा के सफर में अब तक कमल खिलता रहा। इसके बीच कांग्रेस की डॉ गिरिजा व्यास व त्रिलोक पूर्बिया ने भाजपा की अनवरत जीत पर ब्रेक लगाया।

सबसे ज्यादा और कम वोटों का ये रहा अंतर
शहर विधानसभा में वर्ष 2013 के चुनाव में भाजपा के गुलाबचंद कटारिया अब तक के अंतर में सर्वाधिक 24608 मतों से चुनाव जीतते हुए कांग्रेस के दिनेश श्रीमाली को हराया। वर्ष 1972 में जनसंघ के भानुकुमार शास्त्री सबसे कम 933 मतों से जीते, उन्होंने कांग्रेस के प्रकाश आतुर को हराया था।

ज्यादातर जीतने वाले प्रदेश में टॉप पर
उदयपुर से जीतने वाले विधायकों की प्रदेश की राजनीति में टॉप पोजिशन पर पहुंचे है। यहां से जीते मोहनलाल सुखाडिय़ा सर्वाधिक चार बार प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आरूढ़ रहे। जनसंघ के भानुकुमार शास्त्री जैसे दिग्गज नेता किसी जमाने में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आड़वाणी, सुंदर सिंह भंडारी, भैरोसिंह शेखावत जैसे राष्ट्रीय नेताओं के करीबी रहे और राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पद तक पहुंचे। वहीं गुलाबचंद कटारिया से विधायक चुनकर पार्टी में कई अहम ओहदे पर रहे, वे पार्टी अध्यक्ष के साथ ही कैबीनेट मंत्री रहे। इसके अलावा कांग्रेस से गिरिजा व्यास ने केन्द्रीय व राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होकर मेवाड़ का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही महिला आयोग की अध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष के पदों तक पहुंची है।

उदयपुर से चुने अब तक विधायक


वर्ष विजेता पार्टी
1952 मोहनलाल सुखाडिय़ा कांग्रेस
1957 मोहनलाल सुखाडिय़ा कांग्रेस
1962 मोहनलाल सुखाडिय़ा कांग्रेस
1967 मोहनलाल सुखाडिय़ा कांग्रेस
1972 भानुकुमार शास्त्री जनसंघ
1977 गुलाबचंद कटारिया जनता पार्टी
1980 गुलाबचंद कटारिया बीजेपी
1985 गिरिजा व्यास कांग्रेस
1990 शिवकिशोर सनाढ्य बीजेपी
1993 शिवकिशोर सनाढ्य बीजेपी
1998 त्रिलोक पूर्बिया कांग्रेस
2003 गुलाबचंद कटारिया बीजेपी
2008 गुलाबचंद कटारिया बीजेपी
2013 गुलाबचंद कटारिया बीजेपी