आगरा। अगर आप टेलीविजन के साथ मोबाइल भी चेक कर रहे हैं, तो आपके लिए खतरा है। कुछ समय के लिए आपकी आँखों की रोशनी भी जा सकती है। यह कहना है कि वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. संजय सेन का। उन्होंने बताया कि अमेरिका में इस तरह के कई मामले आ चुके हैं। एक या डेढ़ दिन के लिए आँखों की रोशनी जा सकती है। यह भी होता है कि सोते समय लोग कमरे की लाइट बंद करके टीवी देखने लगते हैं। फिर रिमोट से टीवी बंद करके सो जाते हैं। यह और भी खतरनाक है। इससे आँखें इतनी थक जाती हैं कि स्थाई रूप से समस्या हो सकती है।
ऐसे करें बचाव
डॉ. सेन ने कहा कि जरूरी यह है कि टीवी देख रहे हैं तो मोबाइल या लैपटॉप पर काम न करें। टीवी के पर्दे पर लगातार आंखें न गड़ाए रखें। हर 10 मिनट बाद दो मिनट के लिए आँखों को विश्राम दें। टीवी देखें या मोबाइल पर सोशल अपडेट करें, कमरे में पर्याप्त लाइट रहनी चाहिए। मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन और रोशनी से आँखें प्रभावित होती हैं। हर कीमत पर आँखों की सुरक्षा करें। वर्तमान युग में हम टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर से नहीं बच सकते हैं, लेकिन इनसे होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए काम करें।