उदयपुर . झीलों की नगरी में रविवार को देश भर के करीब 15 राज्यों से श्रावक-श्राविकाओं ने उपाध्याय पुष्कर मुनि का 25वां पुण्य स्मरण दिवस के कार्यक्रम में भाग लेकर उनको याद किया। कार्यक्रम शहर के कोर्ट चौराहा व शास्त्रीसर्कल के बीच तारक गुरु जैन ग्रंथालय के बाहर हुआ। तारक गुरु जैन ग्रंथालय एवं जैनाचार्य श्री देवेन्द्र मुनि शिक्षण एवं चिकित्सा शोध संस्थान ट्रस्ट के बैनर तले हुए कार्यक्रम की खास बात यह थी कि उसमें कोई अतिथि एवं अध्यक्ष नहीं था और सीधे ही कार्यक्रम प्रारंभ कर दिया गया।
समारोह में श्रमण संघीय आचार्य शिव मुनि, श्रमणसंघीय प्रमुख मंत्री शिरीष मुनि, जिनेन्द्र मुनि, प्रवीण मुनि, श्रमणसंघीय सलाहकार दिनेश मुनि, डॉ. द्वीपेन्द्र मुनि, डॉ. पुष्पेन्द्र मुनि, साध्वी चारित्र प्रभा, डॉ. दिव्य प्रभा आदि ने पुष्कर मुनि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके किए कार्योँ व समाज को दिए संदेश से अवगत कराया।
समारोह में ‘जैन कर्म सिद्धांत में आचार्य देवेन्द्र मुनि का अवदान’ पुस्तक का मुम्बई के धनसुखभाई, अश्विनभाई दोशी, ‘स्वर्ण किरण’ का उदयपुर के कन्हैयालाल मोदी, ‘कुछ हीरे कुछ मोती’ का पूना की गुलाब बेन सर्राफ, ‘पुष्कर सूक्तिकोश’ का बैंगलोर के सुभाष गदिया, ‘पावन प्रसंग’ का बैंगलोर के राजेन्द्र-हिमांशु लोढ़ा, ‘जैन कथाएं’ का पूना के डॉ. किशोर सर्राफ, ‘अनुभूति के आलोक’ का माधवनगर के राजेन्द्रकुमार बेदमुथा तथा ‘बिन्दु में सिन्धु’ का राजकुमार बोहरा द्वारा लोकार्पण किया।