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तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम भिडे मास्टर इसलिए आए उदयपुर

उदयपुर. कलड़वास औद्योगिक क्षेत्र स्थित माउंट लिटेरा जी स्कूल की 117 वीं तथा राजस्थान की तीसरी शाखा का उद्घाटन हुआ।

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tarak mehta ka ulta chashma fame bhide master in udaipur

उदयपुर . कलड़वास औद्योगिक क्षेत्र स्थित माउंट लिटेरा जी स्कूल की 117 वीं तथा राजस्थान की तीसरी शाखा का उद्घाटन रविवार को हुआ। इस मौके पर इस मौके पर मुख्य अतिथि जी लर्न लिमिटेड महानिदेशक डॉ. प्रभात कौशिक, विशिष्ठ अतिथि तारक मेहता का उलटा चश्मा फेम आत्माराम तुकाराम भिड़े (भण्डार चन्दवडकर) जी लर्न लिमिटेड की रीजनल स्कूल डायरेक्टर अनिता चतुर्वेदी, मुख्य अकाउन्ट्स मैनेजर नितिन शाह, ऑपेरशन मैनेजर आशीष कुमार सहित अन्य अतिथि मौजूद थे।

उद्घाटन अवसर पर डॉ. कौशिक ने कहा कि 'जी लर्नÓ ने शिक्षा के सिद्धान्तों से कभी कोई समझौता नहीं किया है और यह सब अभिभवाकों के विश्वास के कारण ही संभव हो पाया है। इसी तरह, जी लर्न स्कूल की रीजनल डायरेक्टर चतुर्वेदी ने कहा कि चाइल्ड एब्यूज के प्रति अभिभावकों को जागरूक करना और टीचर्स को सचेत रखना भी हमारी प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा विश्व स्तरीय सुविधाओं युक्त इस स्कूल का मुख्य उद्देश्य शहर में बेहतर शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देना रहेगा।

इससे पूर्व माउंट लिटेरा जी स्कूल निदेशक अरूण माण्डोत, मनीष कपूर, एस के खेतान, आर एस यादव आदि ने पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल, एएसपी ब्रजेश सोनी, जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल, प्रमोद सामर, डंूगरपुर नगर परिषद के सभापति केके गुप्ता आदि का उपरणा और बुके भेंटकर स्वागत किया।

प्रशंसकों से घिरे रहे 'भिडे मास्टरÓ इस खास अवसर पर मुंबई से आए तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम मंदार चंदावड़कर यानी गोकुलधाम सोसाइटी के एकमेव सेक्रेटरी मास्टर भिडे स्थानीय प्रशंसकों का आकर्षण बने नजर आए। उनसे विशेष बातचीत में वे कहते हैं हमारे जमाने की शिक्षा और आज के दौर की शिक्षा में बड़ा बदलाव आ गया है। मेरे आठ वर्षीय बेटे के स्कूल बैग का वजन देखकर मुझे हैरानी होती है। एेसे में इस माउंट लिटेरा जी स्कूल के नो टिफिन-नो बैग वाले स्टडी कंसेप्ट का सुनकर बड़ा सुकून मिल रहा है।

कार्यक्रम के दौरान हर जगह प्रशंसकों ने उनके साथ मोबाइल-कैमरों से स्मृतियां क्लिक कीं। लगातार दस सालों से एक ही किरदार निभाने से टाइप्ड होने के सवाल पर वे कहते हैं 'असल में इसी भूमिका की वजह से देश में अलग पहचान बनी है।

सच कहंू तो किरदार में हम इतना रम गए हैं कि मेरे लांड्री, राशन वालों के साथ राह चलते लोग मुझे भिडे मास्टर के नाम से ही जानते-पहचानते हैं। इसके अलावा उन्होंने पत्रकारों संग प्रशंसकों के कई सवालों के जवाब भी बड़ी बेबाकी से दिए।