
मेनार तालाब पहुंची टीम स्थल के बारे में जानकारी लेती हुई
मेनार. राज्य सरकार की ओर से बजट घोषणा 2025-26 एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा के दौरान पर्यटन विकास को सशक्त बनाने के लिए ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहन देने की योजना प्रस्तुत की गई है। इसी के तहत मेनार को संभावित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए है। इसे लेकर संबंधित स्थलों का निरीक्षण एवं विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।
समिति में उपखण्ड अधिकारी, वल्लभनगर को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि अधीक्षण अभियंता (सार्वजनिक निर्माण विभाग), सहायक वन संरक्षक (उत्तर), अधिशासी अभियंता (जल संसाधन विभाग) और उप निदेशक (पर्यटन विभाग) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति की ओर से शुक्रवार को मेनार गांव का संयुक्त निरीक्षण किया गया। जिसमें सभी विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, सुविधाओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दृष्टि से भूमि का अवलोकन किया गया। कमेटी ने मेनार के दोनों तालाब शिव प्रतिमा स्थल, पक्षी विहार, तालाब पाल, कैचमेंट क्षेत्र आदि का निरीक्षण किया। समिति शीघ्र ही स्थलों का चयन, उनके साइज व संख्या का निर्धारण करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगामी विकास कार्यों की दिशा तय की जाएगी। विजिट के दौरान उपखंड अधिकारी सुरेंद्र पाटीदार, पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना, एसीएफ राजेंद्र सिंह, वन अधिकारी कैलाश मेनारिया, पर्यटन विभाग सलाहकार अजय मेरावत, पीडब्ल्यूडी राकेश मेघवाल, ग्राम विकास अधिकारी प्रभुलाल यादव सहित ग्रामीण एवं पक्षी मित्र मौजूद रहे।
Updated on:
02 Jun 2025 06:22 pm
Published on:
02 Jun 2025 06:22 pm
