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इस माह अब सावे के 8 मुहूर्त, फिर विवाह व मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम

Wedding Muhurats In July, Devshayani Ekadashi, देवशयन एकादशी 10 को, शुरू होंगे चातुर्मास

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Wedding : सात फेरे लेना भी हुआ महंगा

Wedding : सात फेरे लेना भी हुआ महंगा

Wedding Muhurats In July माह में इस बार आठ सावे रहेंगे। इसके बाद 10 जुलाई को देवशयन एकादशी के बाद चार माह के लिए शादी विवाह व अन्य मांगलिक कार्य पर विराम लग जाएगा। शास्त्रों के अनुसार भगवान चार माह के लिए बैकुंठ धाम में योगनिद्रा के लिए चले जाते हैं। इसलिए इस चार माह की अवधि में शुभ कार्य नहीं हो पाते हैं।

दो अबूझ सावे

ज्योतिषाचार्य निलेश शास्त्री ने बताया कि देवशयन एकादशी का व्रत आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को है। यह शादी विवाह का शुभ मुहूर्त है। जुलाई में 8 जुलाई को भड़ल्या नवमी व देवशयन एकादशी पर 10 जुलाई को अबूझ सावा रहेगा। इसके बाद चार माह तक कोई मांगलिक मुहूर्त नहीं है, लेकिन इस दौरान पूजा-पाठ पर कोई पाबंदी नहीं है। इस चार मास को चार्तुमास के नाम से जाना जाता है। इसके बाद नवंबर में देवउठनी एकादशी से फिर शादी-ब्याह का सिलसिला शुरू होगा।

ये रहेंगे शादी के मुहूर्त

जुलाई माह - 3, 4, 6, 7, 8,9,10 को मुहूर्त

नवंबर माह - 25, 26, 28, 29 को मुहूर्त

दिसंबर माह - 1, 2, 4,7, 8,9 और 14 को मुहूर्त

जुलाई माह में कई महत्वपूर्ण व्रत व त्योहार

धार्मिक दृष्टि से भी यह महीना बेहद खास है क्योंकि इस महीने की शुरुआत जगन्नाथ रथयात्रा से हुई है और हरियाली तीज के साथ पूरा होगा। इस दौरान सावन के सोमवार का व्रत, देवशयनी एकादशी, गुरु पूर्णिमा और हरियाली तीज जैसे कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार भी आएंगे।

भड़ली नवमी : 08 जुलाई

आषाढ़ माह में आने वाली नवमी को भड़ली नवमी या भड़ल्या नवमी भी कहा जाता है. इस दिन गुप्त नवरात्रि का समापन होता है।

देवशयनी एकादशी, चातुर्मास प्रारंभ : 10 जुलाई

कहा जाता है कि देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु चार महीने के लिए क्षीर सागर निद्रा के लिए चले जाते हैं और सृष्टि का भार भगवान शिव को सौंप देते हैं। इन चार महीने कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा : 13 जुलाई

गुरु पूर्णिमा 13 जुलाई को मनाई जाएगी और इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

श्रावण मास आरंभ, कावड यात्रा : 14 जुलाई

इस बार 14 जुलाई से सावन का महीना प्रारंभ हो रहा है। साथ ही कावड यात्रा भी इसी दिन से शुरू हो जाती है।

सावन का पहला सोमवार : 18 जुलाई

सावन में सोमवार के व्रत का विशेष महत्व है और इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ेंगे ।

कामिका एकादशी : 24 जुलाई

सावन के महीने में आने वाली एकादशी को कामिका एकादशी भी कहते हैं। इस दिन व्रत रखा जाता है और भगवान विष्णु का पूजन होता है।

हरियाली अमावस्या : 28 जुलाई

सावन माह में आने वाले अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान की परंपरा है।

हरियाली तीज : 31 जुलाई

सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज का विशेष महत्व है और इस दिन पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाता है।

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