उदयपुर जिले के परसाद थाने की हवालात में बुधवार दोपहर एक युवक की मौत हो गई। उसके गले में जूते के फीते से फंदा लगा मिला। पुलिस उसे महिला की गुमशुदगी के मामले में पकड़कर लाई थी। घटना के बाद पुलिस मामले को रफा-दफा करने के प्रयास में जुटी रही।
जानकारी के अनुसार झल्लारा थाना क्षेत्र के कोठार गांव के निवासी अर्जुन (28) पुत्र केवजी मीणा की हवालात में मौत हो गई। उस पर ढेलाई के होलीदरा निवासी एक विवाहिता को भगा ले जाने का आरोप था। गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। युवक मंगलवार को घर आया था, जहां से परसाद थाना पुलिस डिटेन कर ले गई। घटना को लेकर एएसपी (ग्रामीण) मुकेश सांखला, सलूम्बर डिप्टी सुधा पालावत, खेरवाड़ा डिप्टी डूंगरसिंह और उदयपुर से सीआइ हिमांशु सिंह थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान एफएसएल टीम भी बुलाई गई, जिसने हवालात के साथ ही मुर्दाघर में शव का मुआयना किया। सराड़ा एसडीएम मनीषा मीणा, तहसीलदार कीर्ति भारद्वाज, आरआइ महेन्द्र मीणा, शमीउल्ला खां सहित प्रशासनिक अधिकारी भी थाने पहुंचे।
पुलिस की ओर से बताई गई कहानी के अनुसार विवाहिता के दस्तयाब होने पर बुधवार को उसके पति को थाने बुलाया था। महिला को उसके सुपुर्द करने के बाद एएसआइ अशोक कुमार आरोपी युवक को लेने गया तो हवालात में युवक लटका हुआ अचेतावस्था में था। उसके गले में जूते का फीता कसा हुआ था। उसने बाथरुम में नल के पाइप से फीता बांधकर फंदा लगाया था। पुलिसकर्मी उसे अचेतावस्था में परसाद अस्पताल ले गए, जहां मृत घोषित कर दिया। वहां से शव एमबी अस्पताल के मुर्दाघर में भेजा गया।
युवक की मौत के मामले में झल्लारा थाने के पुलिसकर्मियों ने मृतक के घर जाकर सूचना दी। इस पर उसके परिजन अचंभित हो गए। इसके बाद परिजन और ग्रामीण झल्लारा थाने पहुंच गए, जहां हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि अर्जुन को रात 11 बजे ही घर से ले गए थे, जबकि पुलिस ने सुबह डिटेन करना कहा है।