
उदयपुर में शुक्रवार को गृहमंत्री कटारिया ने चीरवा में ‘फूलों की घाटी‘ का उद्घाटन किया, इसके साथ ही यहां पर्यटकों के लिए जिप लाइन का भी रोमांच शुरू हो गया। (सभी फोटो - प्रमोद सोनी)

बरसों से उदयपुर का प्रवेश मार्ग रहे इस घाटी क्षेत्र को वन विभाग ने फूलों की घाटी के रूप में विकसित किया है जिससे अरावली की वादियों में पनपने वाली वनस्पति के साथ ही इनमें पाए जाने वाले वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास के बीच देखा जा सकेगा।

सर्पिलाकार पुरानी सडक़ के दोनों ओर फुलवारी लगाने के साथ ही बर्ड व्यू प्वाइंट बनाए गए हैं, वहीं ट्रेकिंग के शौकिनों के रोमांच के लिए ‘जिप लाइन‘ तैयार की गई है। यह वन क्षेत्र पैंथर सहित अन्य वन्यजीवों की आश्रय स्थली है।

पैंथर यहां से उदयसागर और पुरोहितों के तालाब तक प्यास बुझाने जाते हैं। इसके पास ही जैव विविधता पार्क, पुरोहितों का तालाब, अमरखजी मंदिर होने से यह प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा मुकाम बनने जा रहा है।

