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10 लाख लोगों ने किए महाकाल दर्शन, हर घंटे में 48 हजार भक्तों को मिला मौका

शुक्रवार रात 2 बजे शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला, 44 घंटे तक नजर आएगा आस्था का सैलाब, हर 1 घंटे में 48 हजार ने किए दर्शन, रात तक आंकड़ा 8 लाख के पार

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44 घंटे तक नजर आएगा आस्था का सैलाब

उज्जैन. महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर अब तक 10 लाख से ज्यादा भक्त महाकाल का दर्शन कर चुके हैं. हर 1 घंटे में करीब 48 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस अनुमान से देर रात तक ही यह आंकड़ा 8 लाख को पार कर गया था। शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात 2 बजे से ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया था, जो 44 घंटों तक चलता रहेगा।

महाशिवरात्रि पर सुबह 3 बजे से मंदिर के पट खोल दिए गए। 4 बजे से 5 बजे तक भस्म आरती हुई। धक्का-मुक्की में नवसारी (गुजरात) से आईं महिला श्रद्धालु बैरिकेड्स से टकराकर घायल हो गईं। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। लड्डू प्रसादी के लिए 30 काउंटर बनाए गए थे। बाबा महाकाल लगातार 44 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगे।

शनिवार रात 11 बजे से भगवान महाकाल का महाभिषेक आरंभ हुआ। रविवार को सवा क्विंटल फूलों से तैयार पुष्प मुकुट (सेहरा) शृंगार के दर्शन हो रहे हैं। इस दौरान 101 लीटर दूध, दही 31 किलो, खांडसारी (शकर) 21 किलो, शहद 21 किलो, घी 15 किलो, पांच प्रकार के फलों का रस 2-2 किलो, गन्ने का रस 11 किलो, गंगाजल, गुलाब जल, भांग आदि सामग्री के साथ केसर मिश्रित दूध से अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को गर्म जल से स्नान कराया। नए वस्त्र धारण कराने के बाद श्री सप्तधान मुखारविन्द धारण कराने के पश्चात सप्तधान अर्पित होगा। रात्रि पूजन के दौरान अर्पित होने वाले सप्तधान में 108 किलो सात तरह के अनाज शामिल होते हैं।

भगवान धारण करेंगे स्वर्ण आभूषण- रात में महाकाल को सेहरा बांधने के बाद आभूषण कक्ष से स्वर्ण आभूषण छत्र, चन्द्र मुकुट, त्रिपुंड धारण कराए जाएंगे। इसके बाद सेहरा दर्शन आरती प्रात: 5.50 से 6 बजे होगी। नेग के रूप में चांदी का सिक्का व बिल्वपत्र मंदिर समिति की ओर से मुख्य पुजारी द्वारा अर्पित किया जाएगा।

भस्म आरती
19 फरवरी रविवार को प्रात: 11 बजे भगवान का सेहरा उतारा गया। स्वर्ण आभूषण निकालने के बाद डबल लॉक में रखकर पुन: अगले साल तक के लिए सील किया। मुखारविन्द व भगवान के वस्त्र बाहर करने के बाद दोपहर 12 बजे से भस्म आरती प्रारंभ हुई। आधे घंटे बाद भोग आरती हुई।

21 फरवरी को पंचानन दर्शन
शिव नवरात्रि के बाद 21 फरवरी यानी मंगलवार को चन्द्रदर्शन दूज पर दोपहर 3 बजे संध्या पूजन होगा। रात 10 बजे शयन आरती के पूर्व भगवान पंचानन दर्शन होंगे। माना जाता है कि पंचानन स्वरूप के दर्शन से शिवनवरात्रि के दौरान होने वाले श्रृंगार दर्शन का लाभ मिलता है। इसमें शिवनवरात्रि में होने वाले श्रृंगार के एक साथ दर्शन प्राप्त होंगे।