
चाय की टापरी को बनाया कार्पोरेट बिजनेस
उज्जैन. व्यापार करने के लिए आइडिया या विचारों की कमी नहीं। सफल बिजनेसमैन बनना है, तो शर्म छोड़ दो। मेरे घरवाले मुझे एमबीए डिग्री दिलाकर किसी कंपनी में नौकरी करने के लिए प्रेरित करते रहे, लेकिन मैंने न कभी अपनी पढ़ाई का ईगो पाला, न किसी काम को करने में शर्म की। यह कहना है प्रफुल्ल बिल्लोरे का, जिन्होंने चाय की टापरी को कार्पोरेट बिजनेस में बदला और आज उनका करोड़ों का टर्नओवर है।
युवाओं को व्यवसाय और उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित करने के लिए उज्जैन में एक यंग एंटरप्रेन्योर समिट -2022 का आयोजन हुआ। इसका उद्देश्य युवाओं को व्यवसाय और उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित कर शहर को एक उद्यमी केन्द्र के रूप में स्थापित करना था। स्थानीय होटल में आयोजित इस समिट में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव अनिल फिरोजिया, सचिव एमएसएमई पी. नरहरि, कलेक्टर आशीष सिंह के साथ समीर शर्मा, अनिल जोशी और प्रफुल्ल बिल्लौरे भी शामिल हुए। दो सत्रों में आयोजित कार्यक्रम के पहले सत्र में स्टार्टअप शुरू करने में आने वाली कठिनाइयों और उनके निराकरण के बारे में चर्चा की गई। दूसरे सत्र में युवा उद्यमियों और स्टार्टअप को इसमें संभावनाओं की तलाश पर चर्चा हुई।
यंग इंटरप्रेन्योर समिट में शामिल हुए सभी लोगों में प्रफुल्ल बिल्लोरे का अपना अलग अंदाज दिखाई दिया। वे सबसे अपना अनुभव बेबाकी से शेयर कर रहे थे, युवा भी उनकी बातों को तल्लीनता से सुनकर उत्साहित हो रहे थे। प्रफुल्ल बिल्लोरे ने बताया कि उन्होंने पिता से पढ़ाई के लिए 8 हजार रुपए मांगे थे और उससे चाय का स्टॉल व्यवसाय शुरू कर दिया था। अहमदाबाद में इसका नाम एमबीए (मिस्टर बिल्लोरे अहमदाबाद) रखा। टापरी में शुरू किया चाय का स्टाल से उनका कारोबार आज देशभर में फैल चुका है. उनके देश में लगभग 50 आउटलेट हैं। उनका 30 करोड़ का टर्नओवर हो चुका है.
Published on:
20 Nov 2022 11:33 am
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