16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मात्र 5 रूपए में भरपूर फन, जल्द ही शुरू होगा नौका विहार

प्रवेश के लिए देना होंगे 5 रुपए, स्मार्ट सिटी ने संचालन व संधारण के लिए जारी किया टेंडर, निजी हाथों में जाएगा मयूर वन, नियुक्त कंपनी नौका विहार भी शुरू कर सकेगी

2 min read
Google source verification
ujjain_mayur_van.png

प्रवेश के लिए देना होंगे 5 रुपए

उज्जैन. स्मार्ट सिटी अंतर्गत कोठी रोड पर तैयार मयूर वन को निजी हाथ में देने की तैयारी है। ऐसा होने के बाद इसका संचालन व संधारण जहां नियुक्त कंपनी संभालेगी वहीं आमजन को भी प्रवेश के लिए 5 रुपए का शुल्क चुकाना होगा। इसके अलावा बाहर पार्किंग शुल्क भी देना होगा। फिलहाल यह सुविधाएं नि:शुल्क हैं। खास बात यह है कि यहां जल्द ही नौका विहार भी शुरू हो सकता है.

कोठी रोड विक्रम वाटिका में करीब 6 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट सिटी ने मयूर वन विकसित किया है। यहां प्राकृतिक खूबसूरती के साथ ही घूमने, खेलने आदि की भी सुविधा है। बड़ी संख्या में शहरवासी यहां घूमने के लिए आते हैं। पार्क का संधारित रहे और इसका व्यवस्थित संचालन हो सके इसके लिए स्मार्ट सिटी ने टेंडर जारी किया है। कुछ कंपनियों ने इसमें रुचि भी दिखाई है। टेंडर फाइनल होता है तो चयनित कंपनी को सात साल तक इसका संचालन व संधारण करना होगा। इसके एवज में कंपनी प्रवेश शुल्क के साथ ही अन्य माध्यम से आय प्राप्त कर सकेगी। नियुक्त कंपनी यहां नौका विहार भी शुरू कर सकेगी.

ठेका होने पर रोज के 5, महीने के 100 रुपए
मयूर पार्क सुबह 5 से रात 10 बजे तक खुल सकेगा।
संचालक कंपनी प्रति व्यक्ति (3 वर्ष से अधिक) 5 रुपए प्रवेश शुल्क ले सकेगी। 100 रुपए का मासिक पास बन सकेगा।
साइकिल पार्किंग के 2, दो पहियां के 5, चार पहिया के 20 और बस आदि के 50 रुपए शुल्क रहेगा।
इंटरप्रिटिशन बिल्डिंग के बाहरी क्षेत्र में चाय-काफी सेंटर, रेस्टोरेंट आदि संचालित हो सकेगा।
इंटरप्रिटिशन बिल्डिंग के आंगन में किटी पार्टी, बर्थ-डे पार्टी आदि आयोजित की जा सकेगी।
संचालक कंपनी तालाब में बोटिंग सुविधा शुरू कर सकेगी।
लोगों को आकर्षित करने पार्क में ओपन जिम व खेल उपकरण लगा सकेंगे लेकिन यह नि:शुल्क होंगे।

वन दो चरणों में विकसित हुआ
यह कुल 44 हजार 790 वर्ग मीटर में विकसित किया गया।
पहले चरण में पार्किंग, प्लाजा, बैडमिंटन व वॉलीबॉल कोर्ट, किड्स प्ले एरिया, भूलभूलैया, सुविधाघर, इंटरप्रिटिशन सेंटर, लैंड स्केपिंग व पॉथ-वे बने।
दूसरे चरण में डेक एरिया, तालाब विकास, प्रवेश द्वार, बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था, पाथ-वे आदि।