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सरकारी काम के लिए नहीं लगाना होगी 50 किमी की दौड़

माकड़ौन बनी तहसील : 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 102 गांवों के ग्रामीणों को होगा फायदा

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50 km race will not be required for government work

माकड़ौन बनी तहसील : 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 102 गांवों के ग्रामीणों को होगा फायदा

माकड़ौन. अब माकड़ौन नगर सहित १०२ गांवों के हजारों ग्रामीणों को तहसील के कामों के लिए तराना की दौड़ नहीं लगाना होगी। कारण शनिवार से माकड़ौन खुद तहसील के रूप में कार्य करने लगी है। तहसील कार्यालय का विधिवत शुभारंभ विधायक महेश परमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। परमार ने तहसील का उद्घाटन फीता काटकर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में कन्या हासे की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत भाषण नगर परिषद अध्यक्ष कैलाश मालवीय ने दिया। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमारा वर्षों पुराना सपना साकार किया है। इसके साथ ही उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व उपमंडी माकड़ौन को पूर्ण मंडी का दर्जा देने की मांग की। एसडीएम तराना गोविंद दुबे ने टप्पा कार्यालय माकड़ौन को तहसील का दर्जा दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि तराना तहसील में 216 गांव आते थे। इनमें से माकड़ौन तहसील में 102 गांव व 51 पटवारी हलके शामिल किए गए हैं। दुबे ने कहा यह नवीन तहसील महिला सशक्तीकरण के लिए याद रखी जाएगी क्योंकि माकड़ौन में कार्यरत नायब तहसीलदार सपना शर्मा ही तहसीलदार की चार्ज में रहेंगी तथा नायब तहसीलदार मृदुला सचवानी रहेंगी। वे इसी कार्यालय में टप्पा रूपाखेड़ी को देखेंगी। परमार ने कहा पूर्व की सरकार सिर्फ घोषणाएं करती थीं जबकि कमलनाथ की सरकार काम करने में विश्वास करती है। हमारी सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया तथा अतिवृष्टि में खराब हुई सोयाबीन का मुआवजे के लिए मैं मुख्यमंत्री से मिला हूं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि अतिवृष्टि में खराब हुई सोयाबीन का मुआवजा वितरण तराना विधानसभा से ही शुरू होगा। विधानसभा की 25 सड़कों की स्वीकृति करवा ली गई है तथा जल्द ही टेंडर कर कार्य शुरू करवाया जाएगा तथा मेरे कार्यकाल को खत्म होने के पहले एक भी गांव में कच्ची सड़क रहने नहीं रहने दी जाएगी। 2.40 करोड़ की राशि विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत करवाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से हमारी चर्चा हुई है तथा जनवरी के पहले सप्ताह में प्रतिनिधिमंडल विधानसभा में उद्योग लगाने की संभावना तलाशने व कालीसिंध नदी पर स्टापडैम की मांग की गई है। मंडी की जमीन स्वीकृत हो गई है तथा जल्द ही मंडी की घोषणा होने वाली है। जिला सहकारी बैंक के भवन का निर्माण जल्द ही होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमल पटेल, पूर्व राज्यमंत्री बाबूलाल मालवीय, नप अध्यक्ष तराना उमेश शर्मा, एसडीएम गोविंद दुबे, तहसीलदार सपना शर्मा, जिला शिक्षाधिकारी रमा नाहटे, आंगनवाड़ी परियोजना अधिकारी कीर्ति नागर, बीएमओ राकेशसिंह जाटव, विकास खंड शिक्षाधिकारी अशोक गहलोत, बीआरसी ईश्वर शर्मा, एसडीओपी रवींद्र बोयत, कस्बा पटवारी सुनील चौहान आदि मौजूद थे। संचालन सिराज पठान ने किया। आभार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेश पाटीदार ने माना।
श्रेय लेने की मच होड़
माकड़ौन में तहसील का शुभारंभ हो गया लेकिन तहसील गठन का श्रेय लेने के लिए भाजपा व कांग्रेस में होड़ मच गई है। विधायक परमार ने तहसील का औपचारिक शुभारंभ कर श्रेय मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिया है वही भाजपा युवा मोर्चा जिला मंत्री अंतिमसिंह चौहान का कहना है कि तहसील की घोषणा 17 जनवरी 2018 को तत्कालीन सीएम शिवराजसिंह चौहान ने तत्कालीन विधायक अनिल फिरोजिया के निवेदन पर की थी, जो पिछले कई दिनों से शुरू हो गई थी, लेकिन राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण कांग्रेस इसे अपने खाते में डालना चाहती है।
कांग्रेस की सरकार बने 1 साल होने को आया है लेकिन इस समय में एक भी नया काम नहीं किया। पुराने व शिवराजसिंह के कार्यकाल के ही कामों को अपना बताकर श्रेय ले रहे हैं। इसका जवाब जनता ने लोकसभा चुनाव में दे दिया है।
अनिल फिरोजिया, सांसद उज्जैन-आलोट