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भस्म आरती के लिए 5 लोगों के ले रहे 5500 रुपए, महाकाल के दर पर ठगी

सड़क पर मिल रही महाकाल की भस्म आरती की अनुमति, फूल-प्रसाद वालों की सेटिंग सामने आई एक व्यक्ति को 1100 रुपए में बेच रहे अनुमति

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ललित सक्सेना, उज्जैन. विश्व प्रसिद्ध राजाधिराज भगवान महाकाल की प्रतिदिन तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती Mahakal Bhasma Aarti के लिए श्रद्धालुओं में अपार उत्साह, श्रद्धा और आस्था होता है। अवसरवादी इस आस्था में भी ठगी की राह निकाल रहे हैं। सडक़ों पर हार-फूल प्रसाद की दुकान चलाने वाले ही एक पंडितजी का वास्ता देकर भस्म आरती Mahakal Bhasma Aarti की अनुमति दिलाने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने इसकी कीमत भी तय कर रखी है, हर व्यक्ति के लिए 1100 रुपए चुकाना पड़ते हैं। पत्रिका जर्नलिस्ट ने जब महाकाल मंदिर के आसपास फूल.प्रसाद वालों से भस्म आरती की अनुमति को लेकर चर्चा की तो बड़ा खुलासा हुआ। इस चर्चा वीडियो पत्रिका के पास मौजूद है। प्रस्तुत है रिपोर्टर और दुकानदारों के बीच बातचीत के अंश.

रिपोर्टर-अम्मा ये हार और प्रसाद कितने का है।
दुकानदार- भैया ले जाओ, 5 रुपए में फूल है, बाकी एक कमल पुष्प डंडी, एक गेंदे का हार, प्रसाद का पैकेट और फूल ये सब 150 में आ जाएगा।

रिपोर्टर - अरे वो सामने वाला तो 110 में ये सब दे रहा है। आप तो 150 ज्यादा मांग रही हो।
दुकानदार - ठीक है भैया ले जाओ, 110 में ही ले लो।

रिपोर्टर - हमें भस्म आरती भी करना थी लेकिन यहां तो काउंटर बंद है। अब कहां से हमें परमिशन मिलेगी। हम ग्वालियर से आए हैं, 5 लोग हैं हम।
दुकानदार- भैया आप दो.तीन दुकान आगे चले जाओ, वहां छोरा बैठा है, उसको बोलो, वह करा देगा।

रिपोर्टर- दो-तीन दुकान आगे बैठे युवक से कहा, दिला दो अनुमति
दुकानदार - दिला देंगे। सबकी आइडी होना जरूरी है। मैं अभी पंडितजी से पूछ लेता हूं कि परमिशन हो पाएगी या नहीं।

रिपोर्टर- कौन पंडितजी हैं, कितने रुपए लगेंगे।
दुकानदार- एक पंडितजी हैं जो आपको सारी जानकारी दे देंगे। 1100 रुपए के हिसाब से पांच लोगों के 5500 रुपए लगेंगे। अरे भिया...पंडितजी तो फोन नहीं उठा रहे।

रिपोर्टर- मुझे उनका नंबर दे दो, मैं बात कर लूंगा।
दुकानदार - नहीं, नंबर नहीं मिलेगा।

रिपोर्टर- उनका नाम-पता ही बता दो। कौन हैं, कहां मिलेंगे,
दुकानदार - नहीं भिया, ऐसे हम किसी को उनका नाम-पता नहीं बताएंगे। वह तो खुद ही आ जाएंगे, आपसे बात कर लेंगे। उसने एक अन्य युवक को आवाज लगाई...। दोनों ने आपस में कुछ बात की।

युवक- आप थोड़ी देर के बाद आ जाना। काम हो जाएगा।

अभी ये है व्यवस्था
ऑनलाइन-ऑफलाइन का शुल्क 200 रुपए
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भस्म आरती की ऑनलाइन और ऑफलाइन परमिशन के लिए 200 रुपए तय कर रखे हैं। ऑनलाइन अनुमति के लिए एक लिंक संबंधित के मोबाइल नंबर पर सेंड होती है जिससे प्रति व्यक्ति राशि जमा कराना होती है। वहीं ऑफलाइन के लिए काउंटर पर व्यक्ति एक दिन पहले फॉर्म भर सबकी आइडी जमा करता है। राशि भी ऑनलाइन की ली जाती है।

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप सोनी बताते हैं कि
इस तरह से जो भी लोग भस्म आरती की परमिशन बाहर बेच रहे हैं वह गलत है। इसके लिए हम सुबह के समय कर्मचारियों को और अलर्ट करेंगे ताकि जो भी सेटिंग के जरिए आ रहे हैं उससे बच सकें। ।

ऐसे होता है बाबा की भस्म आरती में परमिशन का खेल
भस्म आरती के लिए अलग-अलग क्षेत्र से जुड़े लोगों का कोटा तय कर रखा है। इसमें श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर परमिशन जारी होती है। उदाहरण के तौर पर जिला प्रोटोकॉल, पुलिस विभाग, विधायक, सांसद, प्रेस-मीडिया आदि के कोटे वाली परमिशन प्रतिदिन बनती हैं। इन्हीं से जुड़े कतिपय लोगों द्वारा भस्म आरती की परमिशन बाहरी लोगों को दे दी जाती होगी जिसका फायदा उठाते हुए मनमाने दामों पर उसी अनुमति को श्रद्धालुओं को बेच दी जाती है। फूल.प्रसाद वालों के माध्यम से भस्मआरती की अनुमति खुलेआम बिकती है।