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महाकाल लोक में दो माह में आए 70 लाख श्रद्धालु, रोज 6.50 लाख लड्डू की खपत, टूटे सभी रिकार्ड

लोकार्पण के दो माह बाद बदली तस्वीर : श्री महाकाल लोक में 70 लाख श्रद्धालु आएश्री महाकाल लोक ने बढ़ाया पावन नगरी का मान... देश-विदेश से आने लगे मेहमानखजाने में बढ़ोतरी दो माह में 1 करोड़ 40 लाख से अधिक दान

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लोकार्पण के दो माह बाद बदली तस्वीर

उज्जैन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर को श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। दो माह में इस शहर को धार्मिक के साथ-साथ पर्यटन नगरी के रूप में अलग ही पहचान मिल गई है। इन दो माह में कई बदलाव शहर ने देखे हैं। इन दिनों में लगभग 70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शहर आकर यहां के रोजगार को पंख लगा दिए हैं। वहीं शहर के कई युवाओं को इससे नई उम्मीद भी जगी है। आने वाले दिनों में हमारा शहर श्री महाकाल लोक के कारण नई इबारत लिखेगा।

देश ही नहीं, बल्कि विदेशी मेहमानों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। इस नगर के कुछ हिस्से जैसे जयसिंहपुरा, चारधाम, हरसिद्धि के आसपास का क्षेत्र ऐसा हो गया है, जहां दिन-रात चहल-पहल बढ़ गई है। शहर आने के लिए अधिकांश लोग निजी वाहन का उपयोग करते हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं, जिन्हें बस या ट्रेन से सफर करना होता है। यही वजह है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर भी दिन-रात रौनक नजर आती है।

दो महीने में 70 लाख श्रद्धालु पहुंचे
श्री महाकाल लोक का लोकार्पण होने के पहले दिन से ही शहर में लगातार भीड़ बढ़ी है। एक दिन में लगभग एक लाख श्रद्धालु दर्शन करने आ रहे हैं। इस मान से दो माह में लगभग 70 लाख श्रद्धालुओं ने श्री महाकाल लोक और बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शनों का लाभ लिया है। इनमें देश ही नहीं बल्कि विदेशी मेहमान भी शामिल हैं।

मंदिर के लड्डू प्रसाद में 80 प्रतिशत बढ़ोतरी
महाकाल मंदिर का स्वादिष्ट बेसन का लड्डू सभी को लुभाता है। प्रबंध समिति लड्डू प्रसादी की कीमत 60 रुपए बढाकर 360 रुपए प्रति किलो कर दिया हैै। दाम बढऩे पर भी खरीदारों की भीड़ है। प्रशासक संदीप सोनी के अनुसार पहले 4 लाख लड्डू प्रतिदिन सप्लाय होते थे, श्री महाकाल लोक के बाद इसमें 80 प्रतिशत बढ़ोत्तरी होकर 6.50 लाख प्रतिदिन सप्लाई की जा रही है।

दानदाताओं का बढ़ा रुझान...
दो माह में लगभग 1 करोड़ 40 लाख से अधिक दान प्राप्त हुआ है। श्री महाकाल लोक के बाद देश-विदेश के भक्तों द्वारा यहां आकर मुक्तहस्त से दान किया जा रहा है। उदाहरण के रूप में हाल ही में 12 नवंबर को भगवान के दर्शन करने अमेरिका से आए श्रद्धालुओं ने 12 लाख से अधिक राशि का दान किया था। यूएसए निवासी विनोद पुजारा एवं उनकी धर्मपत्नी अर्पणा पुजारा द्वारा रु. 12 लाख 200 और पुष्पा श्रीनिवास बोनापति द्वारा 81 हजार 990 रुपए का दान चेक के माध्यम से मंदिर प्रबंध समिति को भेंट किया था। श्रद्धालु विनोद पुजारा ने बताया था कि कोविड के बाद आना हो सका। मंदिर में व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हो गई हैं। श्री महाकाल लोक को निहारकर हम धन्य हो गए।

बढ़ा मुनाफा...
श्री महाकाल लोक के लोकार्पण पश्चात छोटे व्यारियों को बड़ा मुनाफा हो रहा है। जैसे हार-फूल प्रसादी, सौंदर्य सामग्री की दुकानें, टैटू बनाने वाले, चाय-नाश्ते की होटल वाले, माथे पर चंदन-तिलक लगाने वाले, महाकाल नाम वाले प्रिंटेड कुर्ते व अन्य सामग्री की दुकान वालों का रोजगार शानदार हो गया है। इसके ई-रिक्शा वाले होटलों के बाहर लग्जरी गाड़ियों का मेला दर्शाता है कि खूब ग्राहकी हो रही है।

धार्मिक पर्यटन में बढ़ोतरी
श्री महाकाल लोक को निहारने के लिए दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण शहर के अन्य मंदिरों में भी चहल-पहल बढ़ी है। काल भैरव, गढक़ालिका, हरसिद्धि, चारधाम, बड़ा गणेश, मंगलनाथ, चिंतामण सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से यहां के धार्मिक पर्यटन में भी बढ़ोत्तरी हुई है।