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जेल अधीक्षक उषाराज पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश, बाल-बाल बचीं

जेलकर्मियों ने ड्राइवर और उसके साथी को पकडक़र पुलिस के हवाले किया, अधीक्षक बोलीं- मुझे मारने की साजिश क्योंकि जेलकर्मियों की दुकानदारी बंद हो गई

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उज्जैन. भैरवगढ़ जेल अधीक्षक उषाराज पर गुरुवार शाम 4.15 बजे ट्रैक्टर चढ़ाकर मारने की कोशिश की गई। हालांकि वे बाल-बाल बच गईं, लेकिन उनके पैरों में चोट आई है। जेलकर्मियों में ट्रैक्टर ड्राइवर और उसके साथी को पकडक़र भैरवगढ़ पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने धारा 279 में केस दर्ज किया। जेल अधीक्षक ने कहा, यह जेल कर्मियों की साजिश है। वे मुझे मरवाना चाहते हैं क्योंकि मैंने उनकी जेल से चलने वाली दुकानदारी बंद कर दी। इसके पहले भी जेलकर्मियों ने मुझे मारने की सुपारी दी थी। इसकी शिकायत मैंने जेल मुख्यालय में की परंतु अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई है।

भैरवगढ़ जेल अधीक्षक उषाराज पर गुरुवार शाम 4.15 बजे पैदल बंगले की तरफ लौट रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार बिना नंबर का ट्रैक्टर दीवार तोड़ते हुए अंदर घुसा। अधीक्षक ने दौडक़र जान बचाई। वह पैर में चोट लगने से घायल हो गईं। इसी बीच ट्रैक्टर ड्राइवर ने भागने की कोशिश की, लेकिन जेलकर्मियों ने पकडक़र भैरवगढ़ पुलिस के हवाले किया।

ड्राइवर और कर्मचारी गिरफ्तार, टाटा का ट्रैक्टर जब्त

भैरवगढ़ टीआइ प्रवीण पाठक ने बताया, ट्रैक्टर टाटा प्रोजेक्ट का है। इसे ड्राइवर नरेंद्र रावत निवासी ग्वालियर चला रहा था। उसके साथ मुकेश पाल निवासी शिवपुरी था। दोनों ने बताया कि खाली ट्रैक्टर लेकर काल भैरव मंदिर की तरफ जा रहे थे तभी ऑटो तेज गति से सामने आ गया। ऑटो को बचाने में स्टेयरिंग ज्यादा मुड़ गया और लीवर पर पैर लगने से ट्रैक्टर दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। जेलकर्मियों ने डायल 100 पर सूचना दी और दोनों को पकडक़र पुलिस के सुपुर्द किया।

मुझे मारने की साजिश: उषाराज

जेल अधीक्षक उषाराज ने बताया कि मुझे मरवाने की साजिश है, क्योंकि उन्होंने जेलकर्मियों की दुकानदारी बंद कर दी। इसमें जेल के बड़े अधिकारी भी शामिल है। मैंने पूर्व में भी मुख्यालय में इनकी शिकायत की थी। मैंने दौडक़र जान बचाई नहीं तो ट्रैक्टर कुचल देता। शाम को जेल अधीक्षक ने एमएलसी करवा भैरवगढ़ पुलिस को सौंपी है।