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भाईदूज: भगवान चित्रगुप्त ने यहां की थी वर्षों तक तपस्या

Ujjain News: वर्ष में दो बार कागज, कलम और दवात के साथ धर्मराज भगवान चित्रगुप्त महाराज का पूजन किया जाता है

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Bhai Dooj: Lord Chitragupta did penance here for years

Ujjain News: वर्ष में दो बार कागज, कलम और दवात के साथ धर्मराज भगवान चित्रगुप्त महाराज का पूजन किया जाता है

उज्जैन. अवंतिका नगरी में भगवान श्रीचित्रगुप्त का अतिप्राचीन मंदिर शिप्रा तट पर विद्यमान है। ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि ब्रह्माजी की काया से उत्पन्न होने वाले और धर्म-अधर्म का लेख लिखने वाले यमपुर के प्रधानमंत्री श्रीचित्रगुप्त ने उज्जैन में वर्षों तक तपस्या की थी। उनकी दो पत्नियां और 12 बच्चे थे। इन बारह बच्चों के नाम पर ही कायस्थ समाज की वंश प्रथा आरंभ होती है। जिनमें सक्सेना, श्रीवास्तव, अष्ठाना, सिन्हा, निगम, सूरध्वज आदि उपनाम से संसार में जाने जाते हैं। इसलिए कायस्थ समाज के ये कुलदेव कहलाए।

वर्ष में दो बार होता है पूजन
वर्ष में दो बार धर्मराज भगवान चित्रगुप्तजी का पूजन किया जाता है। होली और दीपावली के दूसरे दिन आने वाली दूज पर कायस्थ समाज द्वारा अपने कुलदेवता के मंदिरों में अन्नकूट लगाकर महाआरती करते हैं। होली पर्व की दूज 11 मार्च को मनाई जा रही है। भगवान श्रीचित्रगुप्त महाराज के वंशज अपने कुलदेवता का पूजन कलम-दवात और कॉपी-पेन आदि के साथ कर रहे हैं।

बहन के हाथ का भोजन करने का महत्व
भाईदूज के दिन बहन के हाथ का बना हुआ भोजन करने का बड़ा महत्व बताया गया है। वर्णन मिलता है कि एक बार धर्मराज ने अपनी यमुना नामक बहन के घर भोजन किया था और उसे सुख-सौभाग्य व आयु बढ़ाने वाला वरदान दिया था।

घरों में बनते हैं पारंपरिक पकवान
होली और दीपावली के अवसर पर आने वाली भाई दूज के लिए घरों में महिलाओं ने गुजिया, पपड़ी, बेसनचक्की, गुलाब जामुन और अन्य कई परंपरागत व्यंजन बनाए। इस दिन लोग एक-दूसरे के घरों में जाकर उन्हें होली की बधाई देने पहुंचे। शहर में कई स्थानों पर सामूहिक होली मिलन समारोह के आयोजन भी किए गए।

रंग-गुलाल के साथ होगी महाआरती
कायस्थ युवा समिति द्वारा चक्रतीर्थ घाट पर स्थापित श्रीचित्रगुप्त न्याय मंदिर में भाई दूज पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। 11 मार्च बुधवार को भगवान श्रीचित्रगुप्तजी की महाआरती तथा कलम-दवात की पूजन का आयोजन किया जाएगा। कायस्थ युवा समिति अध्यक्ष अरविंद सक्सेना ने बताया शाम 7 बजे पूजन होगी इसके बाद आरती की जाएगी तथा प्रसाद वितरण किया जाएगा। कायस्थ युवा समिति द्वारा समाजजन से कार्यक्रम का लाभ लेने का अनुरोध किया है।

उज्जैन में कहां है इनके मंदिर
उज्जैन में रामघाट पर अतिप्राचीन मंदिर है। चक्रतीर्थ घाट पर श्रीचित्रगुप्त न्याय मंदिर के नाम से दिव्य प्रतिमा है, इसके अलावा अंकपात के विष्णु सागर किनारे भव्य प्रतिमा के साथ भगवान ब्रह्माजी और माता सरस्वती की प्रतिमाएं भी शोभायमान हैं। साथ ही ऋषिनगर में भी इनका सुंदर मंदिर समाजजनों द्वारा बनाया गया है।