22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गणतंत्रता हासिल हो सके, 108 साल पहले स्थापित की थी बड़े गणेश की मूर्ति

महाकाल मंदिर के समीप बड़ा गणेश मंदिर नगर का प्राचीन मंदिर है। राष्ट्र को गणतंत्रता हासिल हो सके, इसलिए आचार्य पं. नारायण व्यास ने भगवान गणेश की मिट्टी की 15 फीट की प्रतिमा विराजित की थी। 

2 min read
Google source verification

image

Lalit Saxena

Sep 06, 2016

big Ganesh murti in ujjain was Founded in 108 year

big Ganesh murti in ujjain was Founded in 108 years ago

उज्जैन. महाकाल मंदिर के समीप विराजित बड़ा गणेश मंदिर अवंतिका नगरी का प्राचीन मंदिर है। राष्ट्र को गणतंत्रता हासिल हो सके, इसलिए आचार्य पं. नारायण व्यास ने भगवान गणेश की मिट्टी की 15 फीट की प्रतिमा विराजित की थी। ज्योतिषाचार्य पं. आनंद शंकर व्यास ने बताया 1904 में जब उनके दादा आचार्य नारायण मुंबई गए तो वहां लोकमान्य तिलक को बताया कि गणतंत्र के आराध्य देव की आराधना करने से हमें गणतंत्रता प्राप्त हो सकती है। इसके बाद से ही गणेशोत्सव पर्व भव्य स्तर पर मनाना शुरू किया गया। इसके बाद 1908 में आचार्य ने महाकाल मंदिर के समीप राष्ट्र को गणतंत्रता हासिल हो सके इसे लेकर बड़ा गणेश की विशाल प्रतिमा की स्थापना कर 39 साल तक नित्य 150 वैदिक ब्राह्मणों से अनुष्ठान करवाया। अनुष्ठान के फलस्वरूप 1947 में भारत को गणतंत्र प्राप्त हुआ।

प्रतिमा की ऊंचाई15 फीट
स्थापना वर्ष 1908
22 जनवरीगणतंत्रता को लेकर
अनुष्ठान39 साल
परंपरा जारी : आज भी अनुष्ठान की परंपरा को देखते हुए गणेश चतुर्थी पर एक हजार मोदक से हवन किया जाता है।
स्थापक : आचार्य पं. नारायण व्यास

कालिदास अकादमी में मंगलमूर्ति महोत्सव
सांस्कृतिक संस्था संवाद की ओर से मंगलवार से कालिदास अकादमी में मंगलमूर्ति महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत विभिन्न विषयों पर आयोजन के साथ ही कलाकारों द्वारा प्रस्तुति भी दी जाएगी। कालिदास अकादमी में अभिरंग नाट्य गृह में कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7.30 बजे होगा।

कार्यक्रम संयोजक नंदन चावड़ा ने बताया 6 सितंबर को महोत्सव के प्रथम दिन विक्रम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रामराजेश मिश्र का सिंहस्थ के उपहार हमें निवृत्त नहीं पूर्वत करते हैं विषय पर व्याख्यान होगा। गार्गी व पाश्वी आचार्य गणेश वंदना करेंगी, वहीं परिधि नीमा द्वारा कत्थक व देवांशु यादव बांसुरी व अरुण कुशवाह तबला वादन प्रस्तुति करेंगे। इस दौरान संस्कार भारतीय के मध्य क्षेत्र प्रमुख श्रीपाद जोशी, निगम सभापति सोनू गेहलोत, युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष विशाल राजोरिया अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। दूसरे दिन रूपांतरण संस्था के संरक्षक राजीव पाहवा का धार्मिक तीर्थ मेलों की पर्यावरणीय चिंताएं विषय पर व्याख्यान होगा। इसके बाद अब्दुल हमीद लतीफ का वायलीन वादन होगा।

ये भी पढ़ें

image